पांच साल पहले दिगारा में पकड़े गए खून के सौदागरों को औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम कोर्ट के विशेष न्यायाधीश आनंद प्रकाश ने दोषी ठहराते हुए पांच साल की कैद की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सुनील कुमार लिटौरिया ने बताया कि औषधि निरीक्षक उमेश कुमार भारती को 9 जून 2017 को दिगारा में अबरार खान के मकान से खून के कारोबार होने की सूचना मिली थी। निरीक्षक ने पुलिस टीम के साथ दबिश दी। यहां से अरविंद यादव पुत्र ईश्वर दास निवासी ओरछा एवं मनीष कटारिया पुत्र रामवीर सिंह निवासी गाजियाबाद पकड़े गए।
पूछताछ में इन लोगों ने खून के कारोबार में शामिल होने की बात मानी। पूछताछ में बताया कि खून निकालने से पहले यह रक्तदाता को शराब पिलाते थे। उसके बाद खून निकाल कर उसे ऊंची कीमत में बेच देते थे। पुलिस ने राजकुमार, ओमप्रकाश, रामबाबू, दिलीप अहिरवार एवं पंजाब अहिरवार को इनके चुंगल से मुक्त कराया था।
करीब पांच साल चली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने साक्ष्य एवं गवाहों के आधार पर अरविंद एवं मनीष को आईपीसी की धारा 232, 342, 420, 504, 506 समेत औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम की धारा 18 बी के उल्लंघन का दोषी ठहराया। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को पांच साल कारावास समेत डेढ़ लाख रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।