किसी को शक न हो इसलिए गैंग में शामिल थीं महिलाएं
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बृहस्पतिवार को बबीना थाना इलाके में पुलिस ने 50 लाख के गांजे के साथ मां-बेटी और दंपती समेत पांच को गिरफ्तार किया। पांचों तस्कर ओडिशा से सूटकेसों और बैग में भरकर गांजा यहां लाए थे। वह गांजा झांसी और मध्य प्रदेश में बेचने जा रहे थे। लेकिन, इससे पहले दबोच लिए गए। किसी को शक न हो, इसके लिए तस्कर गैंग में महिलाओं को लेकर चलते थे।
लोकसभा चुनाव के मद्देनजर पुलिस ने चेकिंग बढ़ा दी है। बृहस्पतिवार की सुबह बबीना थानाध्यक्ष अरुण तिवारी और स्वाट प्रभारी जितेंद्र सिंह तक्खर के साथ पुलिस टीम बड़ौरा तिराहे के पास बसई जाने वाली रोड पर चेकिंग कर रही थी। इसी दरम्यान तीन महिलाओं समेत पांच लोगों को पुलिस ने पकड़ा। उनके पास पांच सूटकेस और एक पिट्ठू बैग था। जांच करने पर सूटकेसों और बैग में से 50 लाख रुपये कीमत का 95 किलो 790 ग्राम गांजा बरामद किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम सीतापुर के तालगांव थाना क्षेत्र के ककरामाऊ गांव निवासी शैलकुमारी पटेल (45), उसकी बेटी वंदना (20), कन्नौज के छिबरामऊ निवासी आशुतोष गुप्ता (23), उसकी पत्नी संजना गुप्ता (21) और कन्नौज के छिबरामऊ थाना क्षेत्र के मठिया नगला निवासी सुनील कुमार नायक बंजारा बताए। पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया।
मामले की जानकारी देते हुए एसपी सिटी ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि गांजा तस्कर ट्रेन व बस में सफर के दौरान किसी को शक न हो, इसलिए महिला और लड़कियों को साथ रखते थे। ताकि लोग समझें कि परिवार है और सूटकेस में कपड़ा व अन्य सामान होगा। उनके पास से चार मोबाइल और 5,310 रुपए नकद बरामद किए गए हैं। पकड़े गए आरोपी आशुतोष और सुनील पर पहले से मुकदमे दर्ज हैं। आशुतोष पर छिबरामऊ थाने में घर में घुसकर हत्या करने की कोशिश करने और एनडीपीएस एक्ट के तहत दो मुकदमे दर्ज हैं। जबकि सुनील पर छिबरामऊ थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत एक मुकदमा पहले से दर्ज है।