अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। सोमवार आधी रात से लागू हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत झांसी में पहला मुकदमा शाम 6:55 बजे मोंठ थाने में चोरी के आरोप में दर्ज हुआ। दूसरा मुकदमा मऊरानीपुर थाने में चोरी के ही आरोप में दर्ज हुआ। दोनों मामलों की विवेचना अब पुलिस बीएनएस के प्रावधानों के तहत करेगी।
सैकड़ों साल पुराने आईपीसी, सीआरपीसी और भारतीय साक्ष्य अधिनियम की विदाई हो गई है। इनकी जगह भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम ने ले ली। सोमवार को हुए अपराधों की रिपोर्ट बीएनएस के तहत दर्ज होनी थी। इसके लिए सभी थानों में विशेष तैयारी की गई थी। सोमवार आधी रात से थानों के कंप्यूटर अपडेट कर दिए गए। पहली शिफ्ट में खास तौर से इन कानूनों से प्रशिक्षित मुंशियों की ड्यूटी लगाई गई लेकिन, दिन भर इंतजार के बाद भी किसी थाने में फरियादी नहीं पहुंचे। शाम को मोंठ एवं उसके बाद मऊरानीपुर थाने में चोरी के आरोप में रिपोर्ट दर्ज हुई।
केस एक
बैंक से लौट रहे किसान से उड़ाए 1.45 लाख
पूंछ के बरोद गांव निवासी परमाई ने चोरी की शिकायत दर्ज कराई। उसने पुलिस को बताया कि सोमवार दोपहर करीब 11:45 बजे वह एसबीआई की मुख्य शाखा से 1.45 लाख रुपये निकाल कर बाजार में दवा खरीदने पैदल जा रहा था। तभी बाइक सवार दो लड़के उसका थैला छीनकर भाग निकले। पुलिस ने भी छानबीन की। उसने पुलिस को बताया कि यह पैसा किसान क्रेडिट कार्ड में जमा करना था। बैग में रुपये के साथ ट्रैक्टर के कागजात, पैनकार्ड, पासबुक भी थी। तहरीर के आधार पर चोरों के खिलाफ नए कानून के अंतर्गत धारा 303(2) बीएनएस के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया ।
केस दो
स्कूटर की डिग्गी से मोबाइल एवं नकदी चोरी
मऊरानीपुर के बसेरा सिटी निवासी अनीता पत्नी सुरेंद्र की तहरीर पर पुलिस ने चोरी के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की। अनीता ने पुलिस को बताया कि दोपहर करीब 12:30 बजे उसके दरवाजे पर खड़ी स्कूटर की डिग्गी तोड़कर चोर रुपये समेत मोबाइल, आधार कार्ड एवं डेबिट कार्ड चुरा ले गए। अनीता की तहरीर पर पुलिस ने आईपीसी की धारा 379 के बजाय बीएनएस की धारा 303 (2) के तहत अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
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अपराध दर्ज करने के समय को लेकर रहा भ्रम
आधी रात से लागू हुए नए कानून के तहत उन मुकदमों को दर्ज किया जाना था, जो घटनाएं सोमवार को हुईं लेकिन, इसको लेकर ही सर्वाधिक भ्रम रहा। जिनके साथ रविवार को घटना हुई लेकिन, शिकायत लेकर वह सोमवार को थाने पहुंचे, उनको उम्मीद थी कि उनका मुकदमा नए कानून के तहत दर्ज होगा लेकिन, सोमवार को भी उनका मुकदमा आईपीसी के तहत दर्ज किया गया। पुलिस अफसरों का कहना है कि अभी न्यायालय में आईपीसी एवं बीएनएस के तहत दर्ज होने वाले मुकदमे साथ साथ चलेंगे।
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पुलिस अफसरों ने गिनाए नए कानून के फायदे
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नए कानूनों के बारे में लोगों को बताने के लिए सभी थानों में जागरूकता शिविर का आयोजन हुआ। सीपरी बाजार थाने में डीआईजी कलानिधि नैथानी, एसएसपी राजेश एस, एसपी सिटी ज्ञानेंद्र सिंह समेत अन्य अफसरों ने नए कानून के बारे में लोगों को बताया। डीआईजी कलानिधि ने बताया कि इन तीनों कानूनों की मदद से लोगों को कम समय में न्याय सुलभ हो सकेगा। नए कानून में ऐसे तमाम प्रावधान किए गए हैं, जिसका सीधा फायदा आम लोगों को मिलेगा। एसएसपी राजेश एस ने कहा, नए कानून में तकनीकी का भी इस्तेमाल किया गया है। गंभीर धाराओं में ऑनलाइन एफआईआर आदि का प्रावधान किया गया है। इस दौरान ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी देशराज सिंह समेत अन्य मौजूद रहे।
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सभी थानों में नए कानून से वाकिफ कराने के लिए जागरूकता शिविर लगाए गए। आम लोगों को भी नए कानून के बारे में बताया गया। सभी थानों में नए कानून के मुताबिक मुकदमे दर्ज करने की तैयारी कर ली गई है।
राजेश एस
एसएसपी