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फिल्टर रोड: अब गढ्ढे ही इसकी पहचान

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फिल्टर रोड: अब गढ्ढे ही इसकी पहचान दो सौ मीटर के बीच सड़क ही गायब, आसपास के लोगों के लिए बारिश बन जाती है मुसीबत झांसी। शहर की अहम सड़क फिल्टर रोड की आज तक किस्मत नहीं बदल सकी है। हालत यह है कि अब गढ्ढे ही इसकी पहचान बन चुके हैं। कई जगह से सड़क पूरी तरह गायब हो चुकी है, वहां अब पैचिंग की भी गुजाइंश नहीं बची लेकिन, इसके बावजूद अफसरों को इसकी कोई परवाह नहीं। गणेश चौराहे से दतिया गेट की ओर जाने वाली फिल्टर रोड से रोजाना हजारों लोगों की आवाजाही होती है लेकिन, स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब पांच साल पहले इस सड़क की मामूली तौर पर मरम्मत कराई गई थी। उसके बाद इसकी पैचिंग तक नहीं कराई गई। थापक बाग के पास सड़क की हालत बदतर हो गई। यहां करीब दो सौ मीटर दूरी तक सड़क ही पूरी तरह गायब हो गई। जगह-जगह गिट्टियां निकलकर फैल गई हैं। सड़क क्षतिग्रस्त होने से अकसर राहगीर फिसलकर चुटहिल भी हो जाते हैं। थापक बाग के पास रहने वाले राजू साहू का कहना है कि सड़क में जगह-जगह गढ्ढे होने से बारिश के दिनों में परेशानी होती है। पानी भर जाने से राहगीरों का निकल पाना भी मुश्किल भरा हो जाता है। स्थानीय निवासी संजय के मुताबिक सड़क से जल निकासी का भी इंतजाम नहीं किया गया है। बारिश में यहां घुटने तक पानी भर जाता है। आसपास के घरों एवं दुकानों के भीतर भी पानी भर जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है नगर निगम की हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई गई लेकिन आज तक इसकी पैचिंग तक नहीं हुई। अब यह सड़क पैचिंग के लायक भी नहीं बची। वहीं, नगर निगम के मुख्य अभियंता का कहना है कि सभी सड़कों का सर्वे कराया गया है। प्राथमिकता के आधार पर सड़कों की मरम्मत कराई जाती है।
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