आयकरदाता लॉकडाउन के दौरान अपने फुर्सत के क्षणों में जो करदाता 2019- 20 (वित्तीय साल 2018-19) का रिटर्न दाखिल नहीं कर सके हैं वे भी तीस जून तक अपना रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। तीस जून तक पैन नंबर के आधार से लिंक होने की बाध्यता भी नहीं है। करदाता अपने आसपास क्षेत्र के आयकर अधिवक्ता या चार्टर्ड अकाउंटेंट की सलाह भी ले सकते हैं। वैसे आयकर विभाग एक अप्रैल से नए सत्र के रिटर्न भरवाना शुरू कर देता है, जो 31 जुलाई तक दाखिल होते हैं। इसके बाद जो करदाता 31 मार्च तक रिटर्न दाखिल करते हैं उनसे जुर्माना जमा करवाया जाता है। मगर कोरोना महामारी के चलते इस बार नए सत्र के रिटर्न अभी तक दाखिल होना शुरू नहीं हुए हैं। साथ ही केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने 2019-20 के रिटर्न दाखिल करने की तिथि तीस जून तक बढ़ा दी है। जो करदाता पिछले सत्र में रिटर्न दाखिल नहीं कर सके, वे तीस जून तक इस सुविधा का लाभ ले सकते हैं। झांसी- ललितपुर परिक्षेत्र में 1.40 लाख करदाता है, जिसमें अभी तक 1.24 लाख करदाताओं ने ही अपने रिटर्न दाखिल किए गए हैं। रिटर्न दाखिल करने के लाभ - कभी कोई जांच हो जाए तो रिटर्न साक्ष्य के काम आता है। - रिटर्न भरने से आपकी आर्थिक हैसियत का पता लगता है। - कोई भी लोन कराने के लिए तीन साल का रिटर्न दाखिल होना जरूरी। - देश से बाहर जाने के लिए इमीग्रेशन प्रोफाइल में वीजा के लिए जरूरी। - थर्ड पार्टी इंश्योरेंस में दुर्घटना क्लेम के लिए। - अगर आपका टीडीएस कटता है और रिफंड आ रहा है तो रिफंड क्लेम के लिए जरूरी। - रिटर्न से आपकी आय का प्रूफ भी होता है। - आजकल सभी खरीद व अन्य गतिविधियां पैन कार्ड से लिंक होने से सरकार पर आपकी नजर है, इसलिए रिटर्न दाखिल कर आप किसी भी तरह की कार्रवाई से बच सकते हैं।