किसान कार्ड पर सरकारी बैंक ने ही मारी कुंडली पीएनबी, सेंट्रल बैंक, एसबीआई जैसे बैंक नहीं ले रहे दिलचस्पी 22097 आवेदकों में सिर्फ 6305 किसानों के ही बने केसीसी झांसी। सरकार के लाख दावों के बावजूद बैंक किसानों के केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) बनाने में दिलचस्पी नहीं ले रहे। हैरत की बात यह कि सरकारी बैंक तक इसमें दिलचस्पी नहीं लेते। पीएनबी, सेंट्रल बैंक, एसबीआई जैसे बैंकों में हजारों की संख्या में केसीसी कार्ड बकाया हैं। हाल में खत्म हुए वित्तीय वर्ष में सिर्फ 6305 केसीसी ही बांटे गए जबकि कुल 22097 किसानों ने बैंकों में आवेदन किया था। साहूकारों को कर्ज के चंगुल से बचाने की खातिर सरकार ज्यादा से ज्यादा किसान क्रेडिट कार्ड बनाने पर जोर दे रही लेकिन, जोखिम भरा मानकर बैंक इनको बनाने से कतराते हैं। इसी के चलते अधिकांश बैंक केसीसी आवेदनों पर कुंडली मारकर बैठे हैं। इस लेटलतीफी में सरकारी बैंक सबसे आगे हैं। सबसे धीमी रफ्तार पंजाब नेशनल बैंक की है। उसकी 21 शाखाओं में कुल 10678 किसानों ने आवेदन किया लेकिन, बैंक सिर्फ 3962 केसीसी ही बना सका। इसी तरह सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने 3566 में सिर्फ 1995 आवेदन ही स्वीकृत किए। इसमें भी सिर्फ 616 केसीसी ही बनाए। स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया को 1622 केसीसी बनाने थे लेकिन, उसने सिर्फ 470 केसीसी जारी किए। बैंक ऑफ बड़ौदा भी 514 में से सिर्फ 114 ही जारी कर सका है। ग्रामीणों के लिए बने खास तौर से बने बैंकों का हाल उनसे भी बुरा है। सर्वयूपी ग्रामीण बैंक ने 3946 किसानों को पात्र पाया लेकिन, पूरे साल बीत जाने के बाद भी उसने सिर्फ 912 केसीसी ही जारी किए। 3034 किसान अभी भी केसीसी की आस में बैठे हैं। पूरे झांसी में 22097 किसानों ने इस वर्ष के लिए केसीसी का आवेदन किया लेकिन, सिर्फ 6305 किसानों को इसका लाभ मिल सका। अभी भी 11535 किसान इसका इंतजार कर रहे हैं। उधर, डीडी कृषि कमल कटियार के मुताबिक बैंकों को लगातार पत्र भेजकर केसीसी बनाने के लिए कहा जाता है। इनसेट खाद, बीज आदि की खरीद में असानी केसीसी कार्ड के जरिए फसल बुवाई से लेकर उपकरण खरीदने जैसे तमाम काम किसान बिना नकदी के भी कर सकते हैं। खाद, बीज की खरीद भी केसीसी के जरिए करने की सहुलियत किसानों को रहती है।