अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बबीना थाना इलाके में ट्रेन की चपेट में आने से एक किसान की मौत हो गई। परिजन उसकी खोजबीन में जुटे हुए थे, जबकि पुलिस ने शव को लावारिस मानकर मोर्चरी में रखवा दिया था। परिजन जब गुमशुदगी दर्ज कराने थाने पहुंचे, तब उन्हें हादसे की जानकारी हुई।
बबीना थाना इलाके के सुकुवां गांव निवासी रविंद्र राजपूत (42) खेतीबाड़ी कर परिवार का जीवन-यापन करते थे। चचेरे भाई रवि राजपूत ने बताया कि रविंद्र रविवार को अपने फूफा के घर हीरापुर गांव जा रहे थे। वह बबीना तक ऑटो से गए। इसके बाद वह पैदल हीरापुर की तरफ जा रहे थे। हीरापुर गांव के पास वह ट्रेन की चपेट में आ गए। इससे उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद रविंद्र राजपूत की पहचान नहीं हो पाई थी। पुलिस ने शव कब्जे लेकर लावारिस मानते हुए मोर्चरी में रखवा दिया था। वहीं, रविंद्र राजपूत का कोई सुराग नहीं लग रहा था। सोमवार को परिजन गुमशुदगी लिखवाने के लिए बबीना थाने पहुंचे तब उनको लावारिश शव की फोटो दिखाई गई। तब परिजनों ने शव की पहचान रविंद्र राजपूत के रूप में की। इसके बाद मृतक के घर में कोहराम मच गया। मृतक की दो बेटी और एक बेटा है। 18 साल का बेटा महेंद्र, 17 साल की बेटी स्मृति और 15 साल की वर्षा है। तीनों बच्चे पढ़ रहे हैं। पिता की मौत के बाद से बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल बना हुआ है।