झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में चार्ट में कटिंग होने के बावजूद कर्मचारियों द्वारा डुप्लीकेट मार्कशीट और डिग्री बनाने के मामले में परीक्षा नियंत्रक ने कुलपति से मामले की जांच कराने की सिफारिश की है। बुधवार को जांच के लिए कमेटी का गठन हो सकता है। इस मामले में बीयू के कुछ कर्मचारी फंसते नजर आ रहे हैं।
बीयू में एक छात्र की करीब 25 साल बाद एलएलबी की डुप्लीकेट मार्कशीट और डिग्री बनाने में बड़ा गोलमोल सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक जिस छात्र की डुप्लीकेट मार्कशीट और डिग्री बनाई गई है, उसकी अंतिम वर्ष की पढ़ाई पूरी ही नहीं थी। बीयू के अभिलेख विभाग में छात्र का जो रिकॉर्ड है, उसमें तृतीय वर्ष के चार्ट में कटिंग मिली है। ये मामला बार काउंसिल से कराए गए सत्यापन के दौरान पकड़ में आया है। परीक्षा विभाग के अधिकारी को मामला संदिग्ध लगने पर उन्होंने दस्तावेजों की जांच कराई तो चार्ट कटिंग वाले पन्ने पर किसी का आदेश भी नहीं था। ऐसे में उन्होंने सत्यापन पर रोक लगा दी। बाद में अभिलेख विभाग के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का तबादला भी कर दिया गया। इस प्रकरण को अमर उजाला ने मंगलवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया। इस संबंध में परीक्षा नियंत्रक राजबहादुर ने बताया कि कुलपति से इस प्रकरण की जांच कराने की सिफारिश कर दी गई है। एक-दो दिन में कमेटी बन जाएगी। कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद अगर कोई कर्मचारी दोषी मिलता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विवादित कर्मचारियों की प्रमुख पटलों पर है तैनाती
झांसी। बीयू में कई कर्मचारी ऐसे हैं, जिन पर कई तरह के गोलमोल के आरोप पहले भी लग चुके हैं। जब भी कोई नया अधिकारी आता है तो ये कर्मचारी उसके करीबी हो जाते हैं। फिर मनचाहे पटलों पर तैनाती पा जाते हैं। मौजूदा समय में भी कई विवादित कर्मचारियों की प्रमुख जगहों पर तैनाती है। चर्चा है कि ये कर्मचारी ही मौका पाकर गोलमोल करा देते हैं। बीयू प्रशासन का इस पर कोई ध्यान नहीं है। जबकि मनमर्जी चरम पर है।