संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। शादी के बाद घरेलू हिंसा से तंग आकर महिला ने पति के खिलाफ मोठ थाने में केस दर्ज कराया था। दंपती साथ रहने के लिए राजी नहीं थे, जबकि, पत्नी गर्भवती है। मंगलवार को दंपती को पारिवारिक न्यायालय में मध्यस्थता के लिए बुलाया गया। दोनों के बीच सुलह कराई गई। दोनों साथ रहने के लिए राजी हो गए। युवक ने पत्नी की डिलेवरी कराने का भी जिम्मा लिया।समथर के रहने वाले योगेंद्र का विवाह 17 मई 2022 को हुआ था। शादी के बाद से ही दोनों में कहासुनी होती थी। विवाद में युवक अपनी पत्नी को पीट देता था। इससे तंग आकर पत्नी ने थाना मोठ में घरेलू हिंसा का मामला दर्ज कराया। मामला न्यायालय में पहुंचा तो सुलह कराने की पहल शुरू की गई। विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव शरद कुमार चौधरी ने दोनों के बीच के विवाद में सुलह कराने के आदेश दिए। आदेश पर मध्यस्थ अधिवक्ता मुकेश सिंघल ने दोनों को बुलाकर उनकी पीड़ा सुनी। दोनों को समझाया। इसके बाद दोनों साथ रहने के लिए राजी हो गए। योगेंंद्र ने अपर जिला जज शरद कुमार चौधरी के समक्ष विश्वास दिलाया कि वह अपनी पत्नी विशाखा को उसके पिता सरजू प्रसाद के यहां से 10 मई को अपने घर लेकर आएगा। साथ ही युवक ने जज के समक्ष पत्नी की डिलेवरी कराने का भी आश्वासन दिया।