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झांसी में फर्जी शिक्षकों का भंडाफोड़, पांच पकड़े

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झांसी। फर्जी नियुक्ति पत्रों के सहारे सरकारी स्कूलों में नौकरी हासिल करने के बड़े खेल का खुलासा हुआ है। जिले के तीन स्कूलों में ऐसे पांच शिक्षक पकड़े गए हैं, जिन्होंने फर्जी नियुक्ति पत्रों के जरिये नौकरी हासिल कर ली थी। वे पिछले एक महीने से बेधड़क विद्यालयों में पढ़ा भी रहे थे। झांसी में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद पूरे प्रदेश में इस तरह से नौकरी हासिल करने वाले शिक्षकों की तलाश शुरू कर दी गई है। इस खेल के सरगना की भी तलाश की जा रही है। पकड़े गए सभी लोग आजमगढ़ के हैं।
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जिले के गरौठा तहसील अंतर्गत खड़ौरा और मऊरानीपुर क्षेत्रके वीरा व बम्हौरी सुहागी में स्थित राजकीय हाईस्कूलों में 20 और 22 जुलाई को पांच शिक्षकों की ज्वॉइनिंग हुई थी। सभी के पास विभागीय नियुक्ति पत्र थे, जिसके आधार पर उन्हें ज्वॉइन करा लिया गया था। इनमें से राजकीय हाईस्कूल खड़ौरा में तैनात शिक्षक आजमगढ़ के लालमऊ निवासी पंचदेव की ज्वॉइनिंग रिपोर्ट माध्यमिक शिक्षा निदेशालय पहुंची। पड़ताल में शिक्षक का नियुक्ति पत्र फर्जी पाया गया। इसके बाद उसके साथ विद्यालयों में ज्वॉइनिंग लेने वाले अन्य चार शिक्षकों के नियुक्ति पत्रों की भी जांच की गई, सभी फर्जी पाए गए। इनमें खड़ौरा में तैनात रणविजय विश्वकर्मा व नरेंद्र कुमार मौर्य, बम्हौरी सुहागी में तैनात मैनावती तथा राजकीय हाईस्कूल वीरा में तैनात अमृता कुशवाहा शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस पूरे नेटवर्क तक पहुंचने के प्रयास में जुटी हुई है। संभावना जताई जा रही है कि कई और लोग भी इस मामले में पकड़े जा सकते हैं।
झांसी में शिक्षकों की तैनाती में हुए खेल का भंडाफोड़ होने के बाद माध्यमिक शिक्षा विभाग सक्रिय हो गया है। पूरे प्रदेश में छह जनवरी 2022 के बाद से तैनात हुए शिक्षकों की पड़ताल शुरू कर दी गई है। क्योंकि, विभाग की ओर से छह जनवरी के बाद से किसी भी राजकीय विद्यालय में शिक्षकों की तैनाती नहीं की गई है। वहीं, तीनों विद्यालयों की प्रधानाध्यापिकाओं के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की गई है। प्रधानाध्यापिकाओं ने बगैर जिला विद्यालय निरीक्षक की सहमति के बाद शिक्षकों को ज्वॉइनिंग दे दी थी।
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पहले एक शिक्षक का फर्जी नियुक्ति पत्र सामने आया था। इसके बाद हुई पड़ताल में चार फर्जी शिक्षक और सामने आए हैं। सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। पांचों पुलिस हिरासत में हैं। इसके अलावा विभाग को सूचना दिए बगैर ज्वाइनिंग कराने वालीं तीनों विद्यालयों की प्रधानाध्यापिकाओं के खिलाफ भी कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
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- ओमप्रकाश सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक
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