कुख्यात लेखराज सिंह यादव को पुलिस कस्टडी से छुड़ाने की कोशिश के आरोप में जेल में बंद पूर्व विधायक दीपनारायण सिंह यादव की पुलिस ने 72 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड (पीसीआर) मांगी थी, लेकिन अदालत की ओर से छह घंटे की ही मंजूर की गई। दीपनारायण को जेल से पेशी पर अदालत लाया जाना था, जिसके चलते पुलिस की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, परंतु बाद में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पेशी हो गई। इस दौरान कचहरी परिसर में पूर्व विधायक के समर्थकों की खासी भीड़ जमा रही।
पुलिस ने सोमवार को गरौठा के पूर्व सपा विधायक दीपनारायण सिंह यादव को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। मंगलवार को पुलिस की ओर से 72 घंटे (तीन दिन) की रिमांड मांगी गई, लेकिन एमपी /एमएलए कोर्ट ने छह घंटे की ही मंजूर की। अधिवक्ता मनीष सिंह यादव ने बताया कि दीपनारायण को पुलिस बुधवार को सुबह 10 से शाम चार बजे तक ही रिमांड पर ले सकेगी। इस दौरान पुलिस उससे घटना के संबंध में पूछताछ करेगी। घटना के संबंध में अन्य लोगों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जाएगी।
मंगलवार को दीपनारायण को जेल से अदालत पेशी पर लाया जाना था। इसके मद्देनजर पुलिस की ओर से जेल से लेकर कचहरी तक के मार्ग पर कड़ी चौकसी की व्यवस्था की थी। बैरियर भी लगाए गए थे। डीएम, एसएसपी ने भी सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया था, लेकिन बाद में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पेशी हो गई। वहीं, पुलिस ने पूर्व विधायक को धारा 307 का आरोपी बनाते हुए अदालत में वारंट तामील कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है। इस पर बृहस्पतिवार को सुनवाई होगी।