बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता (ग्रामीण) पर उनकी एक कार्यालय सहायक ने गंभीर आरोप लगाए हैं। कार्यालय सहायक का आरोप है कि अधिकारी उनको छुट्टी के दिन बुलाकर उनसे अश्लील बातें करते थे। विरोध करने पर अभद्र व्यवहार किया गया। इस मामले से विभाग में हड़कंप मच हुआ है। बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता (ग्रामीण) कार्यालय में भूतपूर्व सैनिक कल्याण निगम की तरफ से उपलब्ध एक महिला कर्मचारी कार्यालय सहायक के पद पर कार्यरत थी। उनको कुछ दिन पहले टेस्ट डिवीजन में स्थानांतरित कर दिया गया है। महिला कर्मचारी ने मुख्यमंत्री व मुख्य अभियंता (वितरण) को भेजे शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है कि वे जब अधीक्षण अभियंता कार्यालय (ग्रामीण) में कार्यरत थीं, तब उनके अधिकारी ने उनको मानसिक उत्पीड़न किया। छुट्टी वाले दिन कार्यालय में बुलाते थे और केबिन में बिठाकर दरवाजा बंद कर लेते थे। एक दूसरी महिला को लाभ पहुंचाने के लिए उनका स्थानांतरण करा दिया। दूसरी महिला जो एक बाहरी एजेंसी से नियुक्त थी, उसे भी भूतपूर्व सैनिक कल्याण निगम की तरफ से नियुक्त कराकर दो वेतनों का एक साथ लाभ दिया। शिकायती पत्र की जांच की जा रही है। इस संबंध में अधीक्षण अभियंता (ग्रामीण) का कहना है कि अगर कोई कर्मचारी काम नहीं करता है तो उसे डांटना मेरा काम है। मैंने कर्मचारी को कानूनी नोटिस दिया है कि वे आरोपों को सिद्ध करें। दो करोड़ रुपये का मानहानि का भी दावा ठोंका है। इसके पूर्व भी महिला कर्मचारी दूसरे अधीक्षण अभियंता पर आरोप लगा चुकी है।