झांसी। निर्माणाधीन एरच बांध के राह की बाधा जल्द खत्म हो सकती है। बांध की जरूरत को देखते हुए इसका निर्माण आरंभ कराने की मांग की जा रही थी। यह मांग मुख्यमंत्री कार्यालय भी पहुंची। मुख्यमंत्री की ओर से यहां जल्द काम शुरू कराने के संकेत दिए गए हैं। उधर, सिंचाई विभाग से भी रिपोर्ट तलब की गई है। इसे देखते हुए नए वित्तीय वर्ष से काम शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।
बांध परियोजना की शुरूआत वर्ष 2015 में पारीछा से चालीस किलोमीटर नीचे एरच के जुझार गांव में हुई थी। बांध की शुरूआती लागत करीब 600 करोड़ आंकी गई। यहां 62 मिलियन क्यूबिक मीटर (एमसीएम) पानी स्टोर होना था। जिसमें 29 एमसीएम पीने में जबकि 9.50 एमसीएम पानी सिंचाई में इस्तेमाल होना था। शेष पानी डिफेंस कॉरिडोर, हर घर जल योजना एवं पावर प्रोजेक्ट में देना था। वर्ष 2018 तक प्रोजेक्ट पर करीब 401 करोड़ खर्च कर दिए गए लेकिन, इसी बीच डिजाइन में गड़बड़ी समेत पत्थर निकालने में गड़बड़ी के आरोप लगने लगे। सरकार ने निर्माण कार्य रोक कर उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित कर दी। इसके बाद से प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया। सिंचाई अफसरों का कहना है शासन स्तर पर मामला लंबित है। इस बारे में रिपोर्ट मांगी गई है। मुख्य अभियंता राजपाल सिंह का कहना है शासन स्तर से फैसला होने के बाद ही इसका निर्माण फिर शुरू हो सकेगा।
लेटलतीफी ने बढ़ा दी 800 करोड़ लागत
बांध की शुरूआती लागत 600 करोड़ थी लेकिन, अब इसकी लागत बढ़कर 1400 करोड़ तक पहुंच चुकी है। सिंचाई अभियंताओं का कहना है कि विलंब होने से इस बांध की लागत में अभी इजाफा होगा। शासन के निर्देश पर सिंचाई विभाग ने वर्ष 2020 के आधार पर बांध की लागत का आकलन किया था। निर्माण सामग्री के मूल्य में बढ़ोत्तरी एवं जीएसटी मिलाकर लागत 1400 करोड़ रुपये आंकी गई थी। निर्माण कार्य दोबारा आरंभ होने पर इसमें इजाफा होना तय है।
बांध से सात लाख लोगों को होगा फायदा
प्रस्तावित बांध परियोजना से करीब सात लाख लोगों को फायदा होने की उम्मीद है। इसका सबसे अधिक लाभ गरौठा समेत आसपास के इलाकों को मिलेगा। परियोजना के जरिए ही हर घर नल योजना भी आरंभ की गई है। इसके साथ ही सूखा ग्रस्त इलाके में सिंचाई का पानी भी दिया जाना है।