अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। इस दफा गर्मी ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए और पारा 49 डिग्री के करीब पहुंच गया वहीं, इन सबके बीच झांसी का हृदय माने जाने वाले नारायण बाग के अंदर से आठ बड़े हरे-भरे पेड़ सिर्फ सुंदरीकरण के लिए सुखा दिए गए। वन विभाग की जांच में इसका खुलासा हुआ है।
रिपोर्ट के मुताबिक स्मार्ट सिटी मिशन के तहत नारायण बाग में सुंदरीकरण कराया गया लेकिन, अफसरों की लापरवाही से बाग के अंदर आठ बड़े हरे पेड़ सूख गए। अन्य पौधों को भी यहां नुकसान पहुंचा। रिपोर्ट के आधार पर दोषी अफसरों के खिलाफ वन संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
पिछोर निवासी नरेंद्र कुशवाहा ने 18 मई को आईजीआरएस में नारायण बाग में सुंदरीकरण के दौरान बिना इजाजत बड़ी संख्या में हरे पेड़ों को क्षतिग्रस्त करने की शिकायत की थी। जांच क्षेत्रीय वन अधिकारी को सौंपी गई। 28 जून को टीम ने मौके पर पड़ताल की। शुक्रवार को जांच कमेटी ने रिपोर्ट तैयार कर ली। रिपोर्ट के मुताबिक सुंदरीकरण के दौरान बरती गई लापरवाही के चलते बाग के अंदर केसिया सेमिया, नीम, खजूर एवं सिरस के दो पेड़ सूख गए। गोल्ड मोहर और चिरौल के पेड़ जड़ सहित उखाड़कर फेंक दिए गए। कुल आठ पेड़ सुखा दिए गए।
कमेटी ने जांच रिपोर्ट में उद्यान विभाग समेत स्मार्ट सिटी मिशन की ओर से कार्य के दौरान लापरवाही बरतने की बात भी कही। कार्य कराने के लिए दोनों विभागों ने वन विभाग से इजाजत भी नहीं ली। जांच कमेटी ने इसे वृक्ष संरक्षण अधिनियम 1976 का उल्लंघन भी ठहराया। जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी। उधर, लापरवाही उजागर होने के बाद से दोनों महकमों के अफसरों की धड़कनें बढ़ गई हैं।
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सुंदरीकरण के दौरान नाले के दलदल से कुछ खजूर के पेड़ को नुकसान हुआ है। अब नाला दुरुस्त करा दिया गया है। इससे पेड़ को अब नुकसान नहीं होगा
विनय कुमार यादव
उपनिदेशक, उद्यान
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मौके पर टीम भेजकर जांच कराई गई थी। जांच पूरी कर ली गई है। रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंप दी गई है।
विनोद कुमार
उप प्रभागीय वन अधिकारी