झांसी। ई-वाहन खरीदने के लिए उन्नाव गेट बाहर निवासी रिषभ श्रीवास्तव ने कंपनी को 1,00,391 रुपये जमा कर दिए थे और 15 दिन बाद ई-वाहन देने का वादा किया गया था। उन्हें स्कूटर का पंजीकरण, बीमा की तिथि और बुक वाहन को प्राप्त करने का मैसेज प्राप्त हुआ था। वह डीलर के पास पहुंचे तो डीलर ने वाहन देने से इन्कार करते हुए अतिरिक्त 10 हजार रुपये की मांग की। उपभोक्ता न्यायालय में उन्होंने वाद दायर कर दिया। इसकी सुनवाई के बाद अध्यक्ष अमर पाल सिंह ने कंपनी को जमा राशि मय ब्याज के वापस करने के साथ तीन हजार का हर्जाना भी लगाया। संवाद