आरपीएफ की डिटेक्टिव विंग ने दूसरे की व्यक्तिगत आईडी से टिकट बनाते हुए एक कैफे संचालक को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के पास से 228 टिकटों का लेखा जोखा बरामद किया गया। आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। कोरोना महामारी के कारण 23 मार्च से ट्रेनों का संचालन बंद चल रहा है। देश भर में सिर्फ अप और डाउन की 30 राजधानी स्पेशल व 200 मेल, एक्सप्रेस ट्रेनें चलाईं जा रही हैं। इनमें अप और डाउन की आठ स्पेशल राजधानी और 28 मेल, एक्सप्रेस ट्रेनें झांसी से होकर गुजर रहीं हैं। कोरोना महामारी में अधिकांश यात्री ऑनलाइन ही टिकट बनवा रहे हैं। ऑनलाइन टिकट बनवाने के लिए लोग साइबर कैफे संचालकों की मदद ले रहे हैं। मगर कई कैफे संचालक आईआरसीटीसी द्वारा उपलब्ध कराई गई आईडी की जगह दूसरों की व्यक्तिगत आईडी से टिकट बना रहे हैं। दूसरे की आईडी से टिकट बनाने पर कमीशन नहीं देना पड़ता है। ऐसे की अवैध कारोबारियों को पकड़ने के लिए आरपीएफ की डिटेक्टिव विंग सक्रिय हो गई है। बुधवार को टीम ने सिद्देश्वर नगर आईटीआई से व्यक्तिगत आईडी पर टिकट बनाते हुए सांई साइबर कैफे के संचालक यदुनाथ सिंह पुत्र अतर सिंह को पकड़ लिया। संचालक के कंप्यूटर पर 227 पूर्व यात्रा व एक आगामी यात्रा के टिकट का लेखा जोखा बरामद किया गया। टीम में निरीक्षक एसएन पाटीदार, एएसआई वीएस राजपूत, रामेश्वर सिंह, दीपक कुमार, अरुण सिंह राठौर, कविता, बीसी अनुरागी शामिल रहे।