इस दफा सत्रह नगर निगम सीटों के आधार पर महापौर सीट का आरक्षण तय होगा। पिछली बार सोलह निगमों के आधार पर इन सीटों का आरक्षण तय किया गया था। इसमें झांसी की सीट सामान्य के खाते में आई थी। इस बार निगम की संख्या बढ़ जाने से सीटों के आरक्षण के गणित में उलटफेर होना तय है।
महापौर सीट का आरक्षण शासन स्तर से होता है। सभी सीटों की संख्या में जाति प्रतिशत एवं चक्रानुक्रम का आधार बनाकर सीट का आरक्षण होता है। पिछली बार के मुकाबले इस बार नगर निगमों की संख्या में एक की बढ़ोतरी हुई है। कुछ वर्ष पहले ही सरकार ने शाहजहांपुर को नगर निगम का दर्जा दिया था जबकि वर्ष 2017 में निकाय चुनाव झांसी, प्रयागराज, बनारस, लखनऊ, कानपुर, मुरादाबाद, सहारनपुर, आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, बरेली, फिरोजाबाद, गाजियाबाद, गोरखपुर, मथुरा एवं मेरठ में कराए गए थे।
इनका कार्यकाल दिसंबर माह तक खत्म होना है। समय पर चुनाव कराने के लिए सरकार ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस समय आरक्षण तय करने के लिए जातिगत आंकड़े पूरे प्रदेश से एकत्रित किए जा रहे हैं। इनके आधार पर ही वार्डों का एवं महापौर पद का आरक्षण भी तय होगा।
नगर विकास अधिकारियों का कहना है पिछली बार सात सीटें सामान्य वर्ग जबकि नौ सीटें आरक्षित कोटे में गई थीं। झांसी महापौर सीट सामान्य रही जबकि मथुरा (अनुसूचित जाति) मेरठ (अनुसूचित जाति महिला), फिरोजाबाद (पिछड़ा वर्ग महिला), वाराणसी (पिछड़ा वर्ग महिला), सहारनपुर (पिछड़ा वर्ग), गोरखपुर (पिछड़ा वर्ग), लखनऊ (महिला), कानपुर (महिला), गाजियाबाद (महिला) जबकि आगरा, प्रयागराज बरेली, मुरादाबाद, अलीगढ़ एवं अयोध्या भी सामान्य वर्ग को मिली।
अब शाहजहांपुर के नगर निगम बनने से इस गणित में उलटफेर होना तय है। जातिगत आंकड़े, निगम की संख्या में बदलाव एवं चक्रानुक्रम आरक्षण की मजबूरी के चलते महापौर की सीटों का चुनावी गणित बदलेगा हालांकि अफसरों का मानाना है कि प्रदेश स्तर के जातिगत आंकड़े के आधार पर झांसी सीट के सामान्य में बरकरार रह सकती है। वहीं, प्रमुख सचिव अमृत अभिजात ने मंडलायुक्त को पत्र भेजकर जनगणना संबंधी आंकड़े जल्द उपलब्ध कराने को कहा है।
सीटों के आरक्षण से पहले ही उम्मीदवारी जताने लगे नेता
अभी महापौर सीट के लिए आरक्षण की स्थिति बहुत हद तक साफ नहीं हुई है लेकिन, इसके बावजूद सभी राजनीतिक दलों में नेताओं ने टिकट के लिए दावेदारी ठोंकने में जुट गए हैं। भाजपा में टिकट के लिए दावेदारों की लंबी कतार लगी हुई है। सपा, बसपा एवं आप के भी इस चुनाव में शिरकत करने के एलान के बाद यहां भी टिकट के लिए नेताओं ने अभी से अपनी पैरवी शुरू करा दी है। जगह-जगह इन नेताओं के होल्डिंग एवं बैनर भी दिखाई पड़ने लगे हैं।