संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। केंद्रीय कृषि विवि के प्रयासों से बुंदेलखंड में ड्रैगन फ्रूट की खेती बढ़ रही है। किसान अब इससे जुड़ने लगे हैं। किसान खेतों की मेड़ों पर ड्रैगन फ्रूट उगा रहे हैं। इन किसानों को कृषि विवि की ओर से तकनीकी सहायता प्रदान की जा रही है।
बता दें कि केंद्रीय कृषि विवि ने साल 2021 में अपने कृषि फार्म पर ड्रैगन फ्रूट पर शाेध शुरू किया था। इसका परिणाम अब दिसंबर 2023 में आया है। कृषि वैज्ञानिक ने पाया कि बुंदेलखंड की जलवायु के हिसाब से ड्रैगन फ्रूट की खेती लाभ का सौदा है। अब बुंदेलखंड के 25 से अधिक किसान ड्रैगन फ्रूट की खेती से जुड़ गए हैं। इनमें मोंठ गांव के हंसराज पाल, महोबा के अजय राजपूत, बांदा के अनवर और हरपालपुर के किसान अभय अहिरवार ने ड्रैगन फ्रूट की खेती शुरू कर दी है। कृषि विवि के फल वैज्ञानिक डॉ. रंजीत पाल ने बताया कि बुंदेलखंड के किसानों ने ड्रैगन फ्रूट की खेती को नजदीक से समझने के लिए संस्थान का भ्रमण कर अपने खेतों पर इसकी खेती शुरू की है। बताया कि यह बाजार में 200 से 400 रुपये प्रतिकिलो तक बिकता है।