झांसी। झांसी-कानपुर रेल ट्रैक के दोहरीकरण का काम पूरा हो गया है। मंगलवार को इस नए ट्रैक पर 120 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से ट्रेन दौड़ाकर ट्रायल किया गया। ट्रायल सफल होने के बाद अप और डाउन ट्रैक पर ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया गया। इस ट्रैक के दोहरे हो जाने से झांसी-कानपुर के बीच सफर का समय कम होगा। गाड़ियों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।
206 किलोमीटर लंबे झांसी-कानपुर रेल ट्रैक के दोहरीकरण का काम साल 2016 में शुरू हुआ था। तब रेल प्रशासन की ओर से दो साल में काम पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। लेकिन, तय अवधि में काम हो नहीं पाया था। इस काम में लगी एक कंपनी द्वारा बीच में ही काम छोड़कर चले जाने की वजह से यह काम काफी पिछड़ गया था। लेकिन, अब जाकर इसे पूरा कर लिया गया है।
मंगलवार को रेल संरक्षा आयुक्त मोहम्मद लतीफ खान ने 18 किलोमीटर लंबे मलासा-लालपुर-पामा रेल खंड का निरीक्षण किया। उन्होंने इंस्पेक्शन कैरिज और मोटर ट्रॉली के जरिये नए ट्रैक की बारीकी से जांच की। इस दौरान अप और डाउन ट्रैक पर 120 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से गाड़ी दौड़ाई गई। ट्रायल सफल होने पर संरक्षा आयुक्त की ओर से इस ट्रैक पर ट्रेन संचालन की अनुमति दे दी गई। शाम को इस ट्रैक से एक मालगाड़ी भी गुजारी गई।
गुजरती हैं 100 से अधिक गाड़ियां
झांसी। झांसी-कानपुर रेल ट्रैक से रोजाना सौ से अधिक गाड़ियों का आवागमन होता है। इनमें 78 साप्ताहिक और सामान्य सवारी गाड़ियां हैं। इसके अलावा 20 मालगाड़ियों का भी आवागमन होता है। ट्रैक के दोहरा होने की वजह से सभी गाड़ियों की रफ्तार में सुधार आएगा। झांसी से कानपुर जाने में 30-45 मिनट का समय बचेगा। जबकि, मालगाड़ियों को लूप लाइन में नहीं डालना पड़ेगा।