जतारा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ वरिष्ठ चिकित्सक डाक्टर सुरेश शर्मा ने अपने निवास पर लाइसेंसी बंदूक से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। खुदकुशी का कारण अब तक ज्ञात नहीं हो सका है। वह जतारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बीते 15 साल से पदस्थ थे।
वरिष्ठ चिकित्सक डाक्टर सुरेश शर्मा प्रति दिन की तरह शनिवार को दोपहर के लगभग दो बजे गांधी ग्राम में अपने निवास पर मरीजों को देख रहे थे और उनकी पत्नी श्रीमती प्रीति शर्मा जतारा के शासकीय मॉडल स्कूल में प्राचार्य हैं जो अपनी ड्यूटी पर स्कूल गई हुई थीं। डाक्टर शर्मा ओपीडी में मरीज देख रहे थे। जब कोई मरीज नहीं बचा तो वह ओपीडी से अपने मकान के अंदर चले गए और उनके यहां काम करने वाले कर्मचारी बाहर धूप में जाकर बैठ गए। तभी अचानक कर्मचारियों को गोली चलने की आवाज सुनाई दी तो वह चौंक गए और अंदर गए तो मकान के अंदर बरामदे में गोली लगने के बाद डाक्टर सुरेश शर्मा मृत अवस्था में पड़े हुए थे। कर्मचारियों ने घटना की जानकारी थाना जतारा पुलिस एवं डाक्टर सुरेश शर्मा की पत्नी श्रीमती प्रीति शर्मा को दी। सूचना मिलने पर पत्नी मौके पर आ गईं। सैकड़ों की संख्या में नगर के लोग भी मौके पर पहुंच गए।
घटना की जानकारी मिलते ही जतारा थाना प्रभारी अरविंद सिंह दांगी ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जतारा के ब्लाक मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर संजय कुशवाहा, डॉक्टर छबील गुप्ता डॉक्टर राहुल जैन के साथ शर्मा के निवास पर पहुंच गए। घटना स्थल पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने घटना की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी। पुलिस अधीक्षक टीकमगढ़ रोहित काशवानी, जतारा तहसीलदार अजय झा, एसडीओपी तथा एसएफएल टीम ने मौके पर पहुंचकर शव का पंचनामा कराया।
डॉ सुरेश शर्मा ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से गोली मारकर आत्महत्या की है। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। परिजनों से भी पूछताछ की जाएगी सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जाएगी उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रोहित काशवानी पुलिस अधीक्षक टीकमगढ़