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Rule: तिरंगा जरूर फहराएं पर नियमों का पालन करना न भूल जाएं, तीन साल तक की सजा का है प्रावधान

Sun, 14 Aug 2022 02:06 AM IST
झांसी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झांसी।

सार

पूर्व महामंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम के तहत तिरंगे के अपमान पर सजा का भी प्रावधान किया गया है। किसी भी प्रकार से राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने पर तीन साल की सजा या जुर्माना अथवा दोनों से दंडित किया जा सकता है।
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तिरंगा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आजादी के अमृत महोत्सव पर लोग स्वतंत्रता के जश्न में डूबे हुए हैं। घरों से लेकर दुकानों और वाहनों तक में लोगों ने झंडा लगा रखा है। तिरंगा यात्राएं निकाली जा रही हैं। 15 अगस्त को जगह-जगह शान से तिरंगा भी फहराया जाएगा। मगर राष्ट्रीय ध्वज संहिता के तहत झंडे को लेकर कई नियम बनाए गए हैं। इनका सभी को पालन करना होगा। उल्लंघन करना भारी पड़ सकता है।

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वर्ष 2002 में सरकार ने तिरंगा फहराने व इस्तेमाल पर राष्ट्रीय ध्वज संहिता बनाई। जिला अधिवक्ता संघ के पूर्व महामंत्री प्रणय श्रीवास्तव ने बताया कि झंडे आयाताकार होना चाहिए। लंबाई और चौड़ाई का अनुपात 3:2 हो। तिरंगा कटा-फटा या गंदा नहीं फहराना चाहिए। झंडे पर कुछ भी बनाना या लिखना गैर कानूनी है। तिरंगे को वेशभूषा, कुशन, रुमाल, पर्दा आदि के रूप में इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। ये भी ध्यान रखना होगा कि तिरंगा जमीन पर न छूए। उन्होंने बताया कि वाहनों पर झंडा लगाने का भी नियम है। किसी अन्य झंडे को राष्ट्रीय ध्वज से ऊंचा न रखें। तिरंगे का रूप बदलना भी अपराध की श्रेणी में आता है।

तीन साल तक की सजा का है प्रावधान
पूर्व महामंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम के तहत तिरंगे के अपमान पर सजा का भी प्रावधान किया गया है। किसी भी प्रकार से राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने पर तीन साल की सजा या जुर्माना अथवा दोनों से दंडित किया जा सकता है।

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