अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। सतरंगी आतिशबाजी के साथ तीन दिवसीय बुंदेलखंड गौरव महोत्सव-2024 का बृहस्पतिवार की रात समापन हुआ। महोत्सव की आखिरी शाम पुणे से आए अग्नि बैंड के नाम रही। इसके अलावा देश भक्ति पर आधारित नाटक हुआ और मंच पर फूलों की होली भी खेली गई, जिसका दर्शकों ने जमकर आनंद लिया।
ध्यानचंद स्टेडियम में आयोजित बुंदेलखंड गौरव महोत्सव में बृहस्पतिवार की शाम मंच पर सबसे पहले लखनऊ से आईं सपना सिंह और उनकी टीम ने स्वतंत्रता संग्राम पर आधारित नृत्य नाटक प्रस्तुत किया। कलाकारों की भावपूर्ण प्रस्तुति को देखकर आयोजन स्थल भारत माता की जय के उदघोष से गुंजायमान हो उठा। इस दौरान दर्शक जोश में नजर आए। इसके बाद मथुरा से आए सिद्धार्थ शर्मा और उनकी टीम ने मयूर नृत्य और फूलों की होली की प्रस्तुति दी। मयूर नृत्य देखकर ऐसा लग रहा था कि मानो लोग ब्रज में बैठकर भगवान की रासलीला देख रहे हों। इस दौरान फूलों की होली भी खेली गई, जिसमें पर्यटक भी हिस्सा बने नजर आए। बाद में पुणे से आए अग्नि बैंड के कलाकारों ने मंच संभाला। 16 साल से प्रस्तुति दे रहा अग्नि बैंड पहली बार झांसी आया तो दर्शकों ने उसके स्वागत में कोई कसर नहीं छोड़ी। मैदान में मौजूद दर्शक बैंड के कलाकारों के सुर में सुर मिलाते ही गाने गुनगुनाने लगे। तमाम दर्शक तो झूमते नजर आए। इसके बाद ग्रीन पटाखे चले, जिनकी सतरंगी रोशनी से झांसी का आसमान सराबोर हो गया।
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मयूर नृत्य पर झूमीं पर्यटन अधिकारी
बुंदेलखंड गौरव महोत्सव के आखिरी दिन मथुरा से आए कलाकार सिद्धार्थ शर्मा और उनकी टोली ने मयूर नृत्य और फूलों की होली की प्रस्तुति देकर जमकर समां बांधा। इस दौरान कार्यक्रम का संचालन कर रहीं डा. नीति शास्त्री झूम उठीं और इसके बाद जिला पर्यटन अधिकारी कीर्ति शुक्ला भी खुद को रोक नहीं पाईं। उन्होंने भी कलाकारों के साथ नृत्य किया।
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आसमान में उड़ने के लिए लगी रहीं कतारें
बुंदेलखंड योगा महोत्सव के तहत तीन दिन योगा, हैरिटेज वॉक, वाटर स्पोर्ट्स का आयोजन किया गया। इसके अलावा हॉट एयर बैलून से पर्यटकों को झांसी के आसमान की सैर कराई गई। हॉट एयर बैलून में बैठने के लिए स्टेडियम में लोगों की लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं। यहां अलग-अलग तीन हॉट एयर बैलून के जरिये लोगों को आसमान की सैर कराई गई।
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अगला आयोजन ललितपुर में
शासन के निर्देश पर बुंदेलखंड गौरव महोत्सव का आयोजन बुंदेलखंड के सातों जिलों में किया जा रहा है। इसकी शुरुआत झांसी से हुई और समापन 18 फरवरी को चित्रकूट में होगा। झांसी के बाद अब ललितपुर में 28 और 29 जनवरी को बुंदेलखंड गौरव महोत्सव का आयोजन किया जाएगा।