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जिला अस्पताल : अग्निशमन यंत्रों में भर गई धूल, धुआं उठने के बाद अलार्म बजा दो सौ मीटर दूर

Thu, 04 Apr 2024 01:31 AM IST
झांसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
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मंडलायुक्त के सख्त रुख के बाद कंपनी के इंजीनियर जांचने पहुंचे थे अग्निशमन यंत्रों की स्थिति
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संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। जिला अस्पताल में दो करोड़ रुपये से लगे अग्निशमन यंत्र शोपीस साबित हो रहे हैं। बुधवार को अग्निशमन यंत्र लगाने वाली कंपनी के इंजीनियरों ने जिला अस्पताल पहुंचकर यंत्रों की जांच की तो इनमें धूल भरी मिली। हैरान करने वाली बात यह रही कि जांच के दौरान जब स्मोक डिटेक्टर के सामने धुआं किया गया तो यहां लगा अलार्म नहीं बजा जबकि धुएं वाली जगह से 200 मीटर दूर लगा दूसरा अलार्म बज गया । अग्निशमन यंत्रों में मिल रही खामियों को लेकर अस्पताल प्रबंधन ने कंपनी को एनओसी देने से हाथ खड़े कर दिए हैं।
जिला अस्पताल को आग से महफूज रखने के लिए लगाए गए अग्निशमन यंत्रों ने जिला प्रशासन से लेकर अस्पताल प्रबंधन तक को हैरत में डाल दिया है। यह उपकरण अभी अस्पताल ने अपने अधिकार में भी नहीं लिए और हर दिन इनके जांच में फेल होने की कहानी बाहर आ रही है। पहले कर्मियों को इन यंत्रों का इस्तेमाल करना ही नहीं सिखाया गया। जब अमर उजाला ने इस स्थिति को प्रमुखता से प्रकाशित किया तो मंडलायुक्त ने कंपनी के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए उपकरणों की जांच के आदेश दिए। जांच शुरू भी नहीं हुई थी कि ऑपरेशन थिएटर में लगी आग ने उपकरणों को बेकार सिद्ध कर दिया।
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बुधवार को कंपनी के इंजीनियर अग्निशमन यंत्रों की जांच करने पहुंचे। लेकिन, जांच में यह यंत्र एक बार फिर फेल साबित हुए। जांच के दौरान जब एक स्मोक डिटेक्टर के पास धुआं किया गया तो डिटेक्टर ने काम ही नहीं किया। हैरान करने वाली बात यह थी कि जहां धुआं उठ रहा था, वहां स्मोक डिटेक्टर ने काम ही नहीं किया और उससे दो सौ मीटर की दूरी पर अलार्म बजने लगा। जब यंत्रों को खोलकर देखा गया तो उनमें धूल भरी पड़ी थी। इस पर अस्पताल प्रबंधन ने कंपनी को एनओसी देने से हाथ खड़े कर दिए हैं।
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अब सभी काम पूरे करने पर ही मिलेगी एनओसी
करोड़ों रुपये से लगाए गए अग्निशमन यंत्रों के काम न करने का मामला जब मंडलायुक्त बिमल कुमार दुबे के पास पहुंचा तो उन्होंने पूरे प्रकरण में सख्त रुख अख्तियार कर लिया। बुधवार को उन्होंने कंपनी के उच्च अधिकारियों और मंडलीय प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक को स्पष्ट निर्देश दिए कि जब तक अग्निशमन यंत्र शत प्रतिशत काम नहीं करते हैं तब तक कंपनी को एनओसी नहीं दी जाएगी।
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वर्जन
बुधवार को कंपनी के इंजीनियर अग्निशमन यंत्रों की जांच करने आए थे, लेकिन यहां लगे यंत्रों ने काम ही नहीं किया। इनमें धूल भरी पड़ी थी। ऐसे में मरीजों की सुरक्षा को खतरा है। एनओसी तभी दी जाएगी जब हम अपने पैनल से भी उपकरणों की जांच करा लेंगे।
डॉ. प्रमोद कुमार कटियार, मंडलीय प्रमुख अधीक्षक, झांसी।
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