अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। इंडियन रेडियोलॉजिकल एंड इमेजिंग एसोसिएशन की शनिवार को निजी होटल में हुई काॅन्फ्रेंस में झांसी ब्रांच अध्यक्ष डॉ. रचना चौरसिया ने कहा कि मरीज की रेडियोलॉजी से जुड़ी सटीक जांच करके बीमारी का जल्द पता लग सकता है। इससे मरीज का इलाज भी जल्दी शुरू हो सकेगा।
मिलेट्री अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट डॉ. रतन सतांगी ने बताया कि दुर्घटना में सिर की चोट लगने के दौरान कभी-कभार आंख भी चोटिल हो जाती है। मगर उस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया जाता। ऐसे में दवा के जरिये सीटी स्कैन करके आंख की चोट का भी पता लगाना जरूरी होता है। मेडिकल कॉलेज की डाॅ. दिवांगिनी यादव ने बताया कि नवजात शिशु को हरी उल्टियां होना आकस्मिक स्थिति है। शिशु की जान बचाने के लिए इसका उपचार जरूरी है। इस दौरान डॉ. आशीष उक्सा, डॉ. विनय मौर्य, डॉ. ज्योति चौबे, डॉ. प्रवीण जैन, डॉ. राजेंद्र सिंह, डॉ. एलसी अग्रवाल, डॉ. एनएल वर्मा, डॉ. डीके नाहर, डॉ. स्वाति, डॉ. प्रियंका मौजूद रहीं।
- जलालाबाद सीएचसी पर मृतक के रोते बिलखते परिजन। स्रोत : जागरुक पाठक