झांसी। डॉर्क जोन में शामिल बामौर ब्लॉक के दो दर्जन से अधिक इलाके जल्द सिंचित हो सकेंगे। सेटेलाइट इमेज के माध्यम से यहां डिकौली गांव के पास करीब 12500 क्यूसेक क्षमता के विशाल भूमिगत जलश्रोत के बारे में मालूम चला। इसके बाद से सिंचाई विभाग इसका सर्वे कराने में जुटा है। सिंचाई अफसरों ने दावा किया है कि इस जलाशय के माध्यम से करीब सात हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित की जा सकेगी।
बामौर ब्लॉक बुंदेलखंड के ड्राई इलाके में आता है। इसी वजह से यहां रबी सीजन की फसल नहीं हो पाती। पूरे इलाके का भूजल स्तर भी काफी नीचे है। कुछ समय पहले डिकौली गांव में भूमिगत जलाशय के बारे में सिंचाई अफसरों को सेटेलाइट इमेज के माध्यम से मालूम चला। इसके बाद इसकी खोज शुरू कराई गई। लंबे समय तक चली खोज के बाद जलाशय में निरंतर पानी मिलने की पुष्टि हुई। सिंचाई अभियंताओं का कहना है कि बेतवा की अप स्ट्रीम में कई बड़े-बड़े कुंड हैं। बेतवा के नीचे से यह पानी इस कुंड तक पहुंचता है। इसकी मदद से यह हमेशा भरे रहते हैं। ऊपर पहाड़ी इलाका होने की वजह से इसका अभी तक पता नहीं चल सका था। कई परीक्षण के बाद अब यहां करीब 12500 क्यूसेक पानी के निरंतर रिसाव की पुष्टि हुई। सिंचाई विभाग के अनुसंधान एवं नियोजन मंडल को इस पूरे इलाके के सर्वे का जिम्मा दिया गया है। करीब चालीस लाख से यह सर्वे कराया जा रहा है।
भूमिगत जलाशय की पुष्टि होने के बाद इनका सर्वे कराया जा रहा है। इसकी निविदा प्रक्रिया भी आरंभ कर दी गई है। इस भूमिगत जलाशय की मदद से सूखा ग्रस्त इलाकों को रबी सीजन में सिंचाई का पानी दिया जा सकेगा।
सिद्घार्थ सिंह
एक्सईएन, अनुसंधान एवं नियोजन खंड