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डीजल रेल इंजनों की जल्द होगी विदाई, दौड़ेंगे सिर्फ इलेक्ट्रिक इंजन

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झांसी। झांसी रेल मंडल से जल्द ही डीजल इंजनों की विदाई हो जाएगी। ईशानगर से उदयपुरा के बीच करीब 78 किलोमीटर ट्रैक के विद्युतीकरण का काम अब अपने अंतिम चरण में है। इस काम के खत्म होते ही मंडल में डीजल के बजाए इलेक्ट्रिक इंजन दौड़ने शुरू हो जाएंगे। इससे ट्रेनों का संचालन न सिर्फ किफायती होगा बल्कि उनकी रफ्तार भी बढ़ जाएगी।
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झांसी मंडल में करीब 1401 किलीमीटर का लंबा रेल ट्रैक है। इस ट्रैक पर करीब 1323 किलोमीटर में ओएचई लाइन बिछाई जा चुकी। इस पूरे रूट पर इलेक्ट्रिक इंजन ही दौड़ते हैं लेकिन, ललितपुर से खजुराहो के बीच ईसानगर- उदयपुरा के बीच करीब 78 किमी का विद्युतीकरण नहीं हुआ। इस वजह से इस सेक्शन में अभी डीजल इंजन के सहारे गाड़ियां चलाई जाती हैं। हालांकि यहां विद्युतीकरण का काम तेजी से चल रहा है। रेल अफसरों का कहना है कि इस वर्ष के भीतर यह काम पूरा हो जाएगा। इसके पूरा होने से झांसी मंडल इलेक्ट्रिक हो जाएगा। इसके बाद पूरे मंडल में सिर्फ इलेक्ट्रिक इंजन ही दौड़ेेंगे। रेल अफसरों के मुताबिक इससे डीजल इंजन बदलने में लगने वाला समय न सिर्फ बचेगा बल्कि इलेक्ट्रिक इंजन काफी किफायती भी साबित होंगे। इन इंजनों से गाड़ी की रफ्तार भी बढ़कर सौ किमी से अधिक हो सकेगी। जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह का कहना है कि उक्त रेल खंड पर कार्य अंतिम चरण में है। कुछ समय में ही यह कार्य पूरा हो जाएगा।
मंडल के पास 242 इलेक्ट्रिक इंजन
झांसी रेल मंडल के पास कुल 242 इलेक्ट्रिक लोकोमेटिव हैं। अधिकांश इंजन पुरानी तकनीक पर डीसी करंट पर चलते हैं। मंडल को जल्द ही एसी करंट पर चलने वाला थ्री फेज इंजन मिलने वाला है। यह इंजन भेल से मिलने हैं। एसी करेंट पर आधारित इंजन डीसी के मुकाबले अधिक सुरक्षित होता है।
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