रेल मंडल के जिन अंडर ब्रिज में बारिश के दौरान अधिक पानी भरने की शिकायतें रहतीं हैं। उनसे पानी निकालने के लिए मोटर पंपों का ऑर्डर दे दिया है। झांसी - मानिकपुर ट्रैक पर कोरोना काल में कोई सवारी गाड़ी न चलने के कारण बुंदेलखंड एक्सप्रेस को चलाने के लिए रेलवे बोर्ड के पास प्रस्ताव भेजा गया है। उम्मीद है कि जल्द ही इसका संचालन शुरू हो जाएगा। शुक्रवार को यह जानकारी मोबाइल एप के जरिये पत्रकारों से बात करते हुए डीआरएम संदीप माथुर ने दी। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के बीच सभी योजनाओं पर धीरे- धीरे काम गति पकड़ता जा रहा है। झांसी- बबीना के बीच तीसरी रेल लाइन लगभग बनकर तैयार है। रेल संरक्षा आयुक्त का निरीक्षण होते ही तीसरी लाइन को यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। झांसी- कानपुर डबल ट्रैक का काम 2022 तक पूरा करने का लक्ष्य बनाया गया है। 2021 तक 50 किलोमीटर और रास्ता खुल जाएगा। उन्होेंने बताया कि सीपरी बाजार स्थित मालगोदाम को गढ़मऊ स्टेशन पर शिफ्ट करने की तैयारी चल रही है। रेलवे स्टेशन के सामने यात्री शेड में जगह की कमी के कारण यात्रियों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो पा रहा है। यहां पंखों की कमी से यात्री बेहाल रहते हैं। इस सवाल पर उनका कहना था कि यात्री डेढ़ घंटे पहले तक प्लेटफार्म में प्रवेश कर सकते हैं। इस समय का ध्यान रखकर ही यात्री स्टेशन पर आएं। यात्रियों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग का पालन होता रहे, इसके लिए शनिवार से निगरानी बढ़ाई जाएगी। इस मौके पर वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक नवीन दीक्षित मौजूद रहे। इमेज प्रोसेसिंग साफ्टवेयर लगाया झांसी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म एक से पांच पर प्रायोगिक तौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से इमेज प्रोसेसिंग साफ्टवेयर की स्थापना की गई है। अभी प्लेटफार्म एक व दो पर सीसीटीवी के जरिये इसका प्रयोग किया जा रहा है। यह सॉफ्टवेयर कैमरे के माध्यम से आने जाने वाले यात्री व कर्मचारियों पर निगरानी रख रहा है। किसी भी कर्मचारी व यात्री के बिना मास्क लगाए या सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करते हुए पाए जाने पर यह स्वत: एक्टिव हो जाता है।