- चलती ट्रेन के किस कोच के किस पहिये में आई खराबी डिपो को बताती है डब्ल्यूएसपी डिवाइस
- झांसी रेल मंडल के 56 कोचों में अब तक लगाया जा चुका है यह उपकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। चलती ट्रेन के पहियों में खराबी की सटीक जानकारी अब डिपो को आसानी से मिल पा रही है। इससे मरम्मत करने में कम वक्त लग रहा है। यह मुमकिन हुआ व्हील स्लाइड प्रोटेक्शन (डब्ल्यूएसपी) डिवाइस से। झांसी रेल मंडल के झांसी डिपो के अब तक 56 लिंक हॉफमैन बुश (एलएचबी) कोचों में इसे लगाया जा चुका है।
ईसीजी की तर्ज पर काम करती है यह डिवाइस
डब्ल्यूएसपी डिवाइस शरीर की इलेक्ट्रोकार्डियोग्राफी (ईसीजी) की तर्ज पर काम करती है। जैसे ईसीजी में दिल की धड़कनों को मापा जाता है। वैसे ही यह डिवाइस पहिये का अल्ट्रासोनिक किरणों से स्कैन करती रहती है। पहिये के अंदरुनी या बाहरी हिस्सों की खराबी को स्कैन कर डिपो में लगे कंप्यूटर पर भेज देती है।
बीना में खराब हुआ साबरमती का पहिया तो मिल गई तुरंत जानकारी
14 जुलाई को बीना रेलवे स्टेशन के पास साबरमती एक्सप्रेस के पहिये में खराबी आ गई। इसकी जानकारी डिवाइस ने तुरंत कोच केयर डिपो को दी। जब ट्रेन झांसी स्टेशन पर पहुंची तो खराबी को खोजने में वक्त नहीं लगा। इसे तुरंत ठीक कर लिया गया। इससे वक्त भी बच गया।
वर्जन
मंडल के लगभग सभी एलएचबी कोचों में डब्ल्यूएसपी डिवाइस लगा दी गई है। इससे ट्रेन की पल-पल की जानकारी और डाटा जुटाना आसान हो गया है। यह रेल सुरक्षा के लिए काफी लाभकारी है।
मनोज कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, झांसी रेल मंडल