रक्सा थाना क्षेत्र के ढिमरपुरा गांव में रहने वाली गनेशी बाई पुलिस से पीड़ित होकर आत्मदाह करने कलक्ट्रेट पहुंची। वह अपने ऊपर मिट्टी का तेल उलेड़ने की कोशिश कर रही थी तभी एलआईयू इंस्पेक्टर और होमगार्डों ने उसे पकड़ लिया।
उसे शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार कर थाना नबाबाद लाया गया। अदालत में पेश करने के बाद उसे जमानत पर छोड़ दिया गया।
कलक्ट्रेट में गनेशी बाई ने बताया कि उसके पति पूरन लाल भैंस चराने सिमरधा बांध जाते हैं। तीन दिन पहले वह भैंस चराने गए थे।
वहां मछली के ठेकेदार ने पति के ऊपर मछली चुराने का आरोप लगाया और मारपीट कर दी। आरोप है कि उसके पति को बंदूक की बटों से मारा गया और एक फायर भी किया, जिससे छर्रें पूरनलाल को लगे। पूरन ग्राम प्रधान के पास न्याय मांगने गए, लेकिन ठेकेदार ने पुलिस से शिकायत कर दी और पुलिस पूरन लाल को पकड़ ले गई। पति को छुड़ाने के लिए उसका पुत्र सुनील थाने गया।
आरोप है कि थानेदार ने ठेकेदार को मारने की बात कहते हुए बेटे को भी पकड़ लिया और दो दिन तक थाने में बैठाए रखा। गनेशी बाई का कहना है कि उनके खेत से बांध लगा हुआ है। परिवार के लोग सब्जी तोड़ रहे थे और आरोप लगा दिया कि मछलियां पकड़ रहे थे। उनके पति पूरन को छर्रे लगे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
गनेशी ने आरोप लगाया कि पुलिस पक्षपात कर रही है, जिससे उसे न्याय नहीं मिल पा रहा है। कुछ देर बाद उसने मिट्टी के तेल से भरी कुप्पी निकाली और आत्मदाह करने की बात कहकर उसे उलेड़ने लगी। यह देख वहां मौजूद होमगार्डों ने शोर मचा दिया और उसे पकड़ लिया। बाद में महिला को शांति भंग में गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जमानत पर छोड़ दिया गया।
होमगार्ड और एलआईयू इंस्पेक्टर को इनाम
मिट्टी का तेल डालने की जानकारी मिलने पर एलआईयू इंस्पेक्टर अरुणा, होमगार्ड आरपी यादव और आरडी रायकवार ने दौड़कर महिला को पकड़ा था। जिलाधिकारी ने उन्हें पांच-पांच सौ रुपये इनाम और शाबासी दी।
मामला दबाव बनाने का था
पूरे मामले की जानकारी की है। मछली ठेकेदार को भी बुलाकर जानकारी की गई, लेकिन पूरा मामला दबाव बनाने का सामने आया। आत्महत्या करना अपराध है, इसलिए महिला को पुलिस के हवाले कर दिया गया था।
- कर्ण सिंह चौहान
जिलाधिकारी