झांसी। महानगर से गायब हुए लोगों की तलाश में पुलिस जरा भी गंभीर नहीं है। शिकायतें दर्ज करने के बाद पुलिस ने अपहृतों की तलाश बंद कर दी है। स्थिति यह है कि ढाई साल पूर्व अपहृत हुआ छात्र धीरेंद्र व दो वर्ष पूर्व बच्चों के कपड़े लेने निकली महिला सोनल के अगवा होने के बाद वे कहां हैं पुलिस इसकी जानकारी अब तक नहीं जुटा सकी है।धीरेंद्र के अपहरण के बाद बदमाशों ने फिरौती के लिए फोन भी किया था।
टोड़ीफतेहपुर के गांव पुंछी निवासी सुरेश चंद्र का पुत्र धीरेंद्र पटेल (22) नवाबाद थाना क्षेत्र के गुमनावारा में अपने नाना के साथ रहकर दतिया के एक कॉलेज से नर्सिंग की पढ़ाई कर रहा था। तीन जनवरी 2014 की सुबह वह पानी की टंकी के पास किसी से मिलने की कहकर घर से निकला था, मगर रात तक लौटकर नहीं आया। तलाश करने में जुटे परिजनों के पास रात को फिरौती के लिए फोन आया। चार जनवरी को परिजनों ने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय चौकी पुलिस ने अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया था। शुरुआत में तो पुलिस ने उसकी तलाश में गंभीरता दिखाई, लेकिन बाद में उसकी जांच पड़ताल बंद कर दी गई है।
एक अन्य मामले में भोपाल के अहिंसा विहार कालोनी निवासी संतोष श्रीवास्तव की पत्नी सोनल श्रीवास्तव अपने मायके सीपरी बाजार आई हुई थीं। वह चार जून को बच्चों को कपड़े खरीदने के लिए घर से निकली थीं। जब वह रात तक घर नहीं लौटी तो परिजनों को चिंता हुई। तलाश करने पर भी जब उनका कोई पता नहीं चला तो सीपरी बाजार पुलिस ने अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया। जांच से पता चला कि हरीकिशन डिग्री कालेज लहर गिर्द तक उन्हें देखा गया था। दोनों ही मामलों में पुलिस के पास अब जवाब देने के लिए यह भी नहीं है कि वह जांच कर रहे हैं।