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विवेक की मौत के मामले की होगी मजिस्ट्रेटी जांच

Sat, 12 Aug 2017 01:04 AM IST
amarujala
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police jhansi news - फोटो : demo
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झांसी। पुलिस कार्रवाई से तंग आकर आत्महत्या करने वाले युवक विवेक को लेकर शुक्रवार को भी तनाव रहा। पोस्टमार्टम के बाद युवक का अंतिम संस्कार हुआ। इस दौरान खुशीपुरा में भारी संख्या में पुलिस तैनात रही और अधिकारी भी डेरा डाले रहे। जिलाधिकारी ने घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं। 
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खुशीपुरा निवासी ऑटो चालक आत्माराम वर्मा के पुत्र विवेक (22) ने बृहस्पतिवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। परिजनों ने पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था। उनका आरोप था कि विवेक को पुलिस ने मारपीट के मामले में फर्जी ढंग से फंसाया था। गिरफ्तारी के लिए पुलिस घर पर आकर परिजनों का उत्पीड़न कर रही थी। इससे डरकर विवेक ने आत्महत्या कर ली। शुक्रवार की सुबह विवेक के परिजन कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने जिलाधिकारी से दोषी पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। जिलाधिकारी कर्ण सिंह चौहान ने मजिस्ट्रेटी जांच के निर्देश जारी किए। जांच की जिम्मेदारी अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) हरीशंकर को सौंपी गई। डीएम ने भरोसा दिया कि जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। दोपहर में विवेक का पोस्टमार्टम हुआ। तीन डाक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। पैनल में डा. लक्ष्मी राजपूत, डा. के के जैन और डा. प्रभात चौरसिया शामिल रहे। पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी कराई गई। पोस्टमार्टम हाउस के बाहर भारी भीड़ मौजूद रहे। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी हालात पर नजर रखे रहे। दोषी पुलिस कर्मचारियों पर कार्रवाई न होने के विरोध में खुशीपुरा क्षेत्र के लोग शव रखकर कानपुर रोड पर जाम लगाने की योजना में थे, इस पर खुशीपुरा और कानपुर रोड के खुशीपुरा मोड़ भी कई थानों की पुलिस तैनात रही। शाम चार बजे विवेक के शव को घर लाया गया। इस दौरान क्षेत्र में कोहराम मच गया। परिजनों और क्षेत्र के लोगों ने पुलिस के प्रति आक्रोश जताया। समझाबुझाकर किसी तरह उन्हें शांत किया गया। शाम को विवेक का श्याम चौपड़ा मुक्तिधाम पर अंतिम संस्कार हुआ। 
उल्लेखनीय है कि सदर बाजार थाना पुलिस ने ऐबट मार्केट के पास स्थित पार्क में मंगलवार की रात दो पक्षों में हुई मारपीट के मामले में सत्येंद्र, विवेक, इरफान और महमूद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। परिजनों का आरोप है कि विवेक का इस घटना से कोई लेनादेना नहीं था। बावजूद, पुलिस ने उसे फंसा दिया। इतना ही नहीं, उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने दो बार घर में दबिश दी। इस दौरान दरवाजे और घर के सामान की तोड़फोड़ की गई। इससे डर कर विवेक ने खुदकुशी की है। 
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मुझ जैसे सीधेसादे लड़के को पुलिस ने गुंडा बना दिया
आत्महत्या से पहले बनाया ऑडियो
फांसी लगाकर आत्महत्या करने वाले युवक विवेक एक ऑडियो सामने आया है। बताया जा रहा है कि यह ऑडियो उसने खुदकुशी करने से पहले अपने मोबाइल से बनाया था। इसमें विवेक कह रहा है कि मैं मम्मी पापा का दुख देना नहीं चाहता, वो पहले से दुखी हैं। मुझ जैसे सीधेसादे लड़के को पुलिस ने गुंडा बना दिया। पुलिस को पहले जांच करनी चाहिए। मैं अपना काम कर रहा हूं, मुझे किसी से मतलब नहीं है। मैं मर जाऊंगा। इस जन्म में तो नहीं पढ़ पाया, लेकिन अगले जन्म में पढ़कर अफसर बनूंगा और पुलिस वालों को नहीं छोड़ूंगा। परिजनों यह ऑडियो पुलिस और प्रशासन को दे दिया है। 
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