उड़द और मूंगफली की सरकारी खरीद में जिले में दो करोड़ सतहत्तर लाख रुपये का गबन पकड़ा गया है। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) द्वारा की गई जांच में इसका खुलासा हुआ है। एडीएम ने केंद्र प्रभारियों के खिलाफ एफआईआर के लिए अलग-अलग थानों में तहरीर दी है। एरच थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है।
सरकार ने उड़द का समर्थन मूल्य छप्पन सौ रुपये और मूंगफली का चार हजार आठ सौ नब्बे रुपये प्रति क्विंटल तय किया था। सरकारी स्तर पर खरीद के लिए जिले में सात केंद्र खोले गए थे। चिरगांव की रामनगर मंडी में कृषक सेवा सहकारी समिति लिमिटेड, सेमरी ने केंद्र संचालित किया था। जांच में सामने आया कि इस केंद्र पर उड़द की चौदह हजार नौ सौ सतासी क्विंटल खरीद हुई, जिसमें से बारह हजार नौ सौ पैंसठ क्विंटल की डिलीवरी स्टेट वेयर हाउस में कराई गई। लेकिन, शेष दो हजार इक्कीस क्विंटल की डिलीवरी नहीं कराई गई, जिसका मूल्य एक करोड़ तेरह लाख उन्नीस हजार छप्पन रुपये है। इसी प्रकार केंद्र पर बीस हजार दो सौ सत्ताइस क्विंटल मूंगफली की खरीद हुई, जिसमें से उन्नीस हजार सतासी क्विंटल की डिलीवरी स्टेट वेयर हाउस में की गई, बाकी पचपन लाख इकहत्तर हजार सात सौ चौंसठ रुपये मूल्य की एक हजार एक सौ उनतालीस क्विंटल मूंगफली की डिलीवरी नहीं कराई गई।
यही खेल एरच मंडी में साधन सहकारी समिति खड़ैनी और मऊरानीपुर मंडी में किसान सेवा सहकारी समिति लिमिटेड द्वारा खोले गए केंद्रों में हुआ। एरच में उड़द में छब्बीस लाख छप्पन हजार चार सौ सोलह रुपये और मूंगफली में उन्नीस लाख पैंसठ हजार तीन सौ उनतालीस रुपये का गबन सामने आया है। वहीं, मऊरानीपुर में उड़द में छत्तीस लाख तिरासी हजार रुपये और मूंगफली में पच्चीस लाख तेइस हजार रुपये का गबन पकड़ा गया है। अपर जिलाधिकारी नगेंद्र शर्मा ने
बताया कि मऊरानीपुर, एरच और चिरगांव थाने में खरीद केंद्र प्रभारियों समेत समितियों के पदाधिकारियों के खिलाफ एफआईआर के लिए तहरीर दे दी है।
एरच थाने में साधन सहकारी समिति के सचिव सुरेश तिवारी और समिति की अध्यक्ष गायत्री देवी के पति चंद्रकान्त नायक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। अन्य थानों में भी एफआईआर की कार्रवाई जारी है।