झांसी। कुशीनगर एक्सप्रेस में मामूली विवाद में वेंडर ने यात्री पर चाकू से हमला कर दिया। बचाव करने पहुंची यात्री की मां को धक्का देकर गिरा दिया। इसके बाद आरोपी वेंडर पारीछा स्टेशन पर उतरकर भाग निकला। आरपीएफ आरोपी वेंडर की तलाश कर रही है।
लोकमान्य तिलक से गोरखपुर जाने वाली गाड़ी संख्या 11015 डाउन कुशीनगर एक्सप्रेस में अजय पाल सिंह पुत्र जगतपाल सिंह परिजनों के साथ यात्रा कर रहे थे। आरक्षित टिकट कंफर्म न होने के कारण वह एक स्लीपर कोच के दरवाजे पर बैठे हुए थे। ट्रेन जब झांसी से चिरगांव की तरफ बढ़ रही थी।
इसी बीच वेंडर लाखन सिंह पुत्र राज बहादुर निवासी फतेहपुर को यात्रियों के बैठे होने के कारण दूसरे कोच में जाने में परेशानी हो रही थी। एक-दो बार निकलते समय वेंडर की बाल्टी भी यात्री से टकरा गई। इस पर यात्री ने वेंडर से ठीक से बाल्टी निकालने को कहा तो वह झगड़ा करने लगा।
चूंकि, वेंडर नशे में था, इस कारण वह हाथापाई पर उतर आया और पास रखे चाकू से यात्री पर हमला कर दिया। चाकू लगने से यात्री की हथेली कट गई। इस बीच बेटे को बचाने आई मां माया सिंह (65) को वेंडर ने धक्का देकर गिरा दिया। ट्रेन के पारीछा स्टेशन पर रुकते ही वह भाग निकला।
इधर, कोच में शोर सुनकर पारीछा स्टेशन मास्टर ने अप्रिय घटना की आशंका पर झांसी कंट्रोल को सूचना दी। आरपीएफ ने ट्रेन में चल रहे स्क्वॉड को अवगत कराया गया। स्क्वायड ने एस-7 कोच में पहुंचकर भागे वेंडर के साथी एक दूसरे वेंडर को पकड़ लिया। ट्रेन के उरई स्टेशन पहुंचने पर घायल यात्री का उपचार कराया गया। उधर, झांसी से आरपीएफ उपनिरीक्षक नंदलाल वर्मा, एएसआई हरीराम यादव आदि जवानों ने पारीछा स्टेशन पहुंचकर मामले की छानबीन की।