झांसी। लूट, चोरी और टप्पेबाजी की वारदातों का खुलासा करने में पुलिस नाकाम रही है। कुछ सनसनीखेज मामलों की फाइलें पुलिस ने बंद कर दी है तो कुछ में जांच पड़ताल की औपचारिकता हो रही है। कुल मिलाकर पुलिस किसी भी बदमाश तक नहीं पहुंच सकी है।
केस एक
छह महीने पहले कलेक्ट्रेट के सामने आईसीआईसीआई बैंक के अंदर एक अंडे कारोबारी के कर्मचारी बैंक में नकदी जमा कराने गए थे। बैंक के अंदर मौजूद बदमाशों ने स्वयं को बैंक कर्मी बताकर नोटों पर बैंक की स्लिप लगाने के लिए कहा। इस बीच बदमाश ने झपट्टा मारकर 1.22 लाख रुपये लूट लिए और भाग निकला। लुटेरों तक पहुंचने में नाकाम पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगाकर फाइल बंद कर दी।
केस एक
छह महीने पहले कलेक्ट्रेट के सामने आईसीआईसीआई बैंक के अंदर एक अंडे कारोबारी के कर्मचारी बैंक में नकदी जमा कराने गए थे। बैंक के अंदर मौजूद बदमाशों ने स्वयं को बैंक कर्मी बताकर नोटों पर बैंक की स्लिप लगाने के लिए कहा। इस बीच बदमाश ने झपट्टा मारकर 1.22 लाख रुपये लूट लिए और भाग निकला। लुटेरों तक पहुंचने में नाकाम पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगाकर फाइल बंद कर दी।
केस दो
12 फरवरी को चिरगांव निवासी प्रभा देवी ने भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा से 12 हजार रुपये निकाले थे। वह अपने पुत्र के साथ पैदल चित्रा चौराहा पर पहुंची तभी बाइक सवार बदमाश उनसे नोटों का थैला लूटकर भाग गए। इस मामले की रिपोर्ट सीपरी बाजार पुलिस ने दर्ज की। लेकिन अभी तक लुटेरों का पता नहीं लग सका है। अब तो जांच भी लगभग ठप है।
केस तीन
16 फरवरी को ओरछा के प्रतापपुरा स्थित दुग्ध कंपनी के मैनेजर राजीव कुुमार पांडेय ने भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा से पांच लाख रुपये निकाले थे। नोटों की गड्डी कार में ड्राइवर के पास रख दी। तभी बदमाश चालक को पीटकर रुपये लूट कर भाग निकले। लुटेरों को पकड़ने में नाकाम पुलिस इस मामले की भी फाइल बंद करने की तैयारी कर रही है।
केस चार
10 मई को जार पहाड़ सिविल लाइन निवासी राम कुशवाहा ने एचडीएफसी बैंक से एक लाख रुपये निकाले। इस बीच टप्पेबाजों ने उनकी कार का पहिया पंचर कर दिया। वह कुछ दूर पर पंचर बनवाने लगे। तभी बदमाश कार के अंदर रखे 1.08 लाख रुपयों से भरा बैग लेकर भाग गए। इस मामले में भी पुलिस जांच-पड़ताल की औपचारिकता कर रही है।
--
लेकिन सीओ का हौसला देखिये
सीओ कल्याण सिंह का कहना है कि पुलिस भरपूर कोशिश कर रही है। फाइनल रिपोर्ट लग गई तो क्या हुआ? लुटेरे मिलेंगे तो फिर फाइल खोल दी जाएगी। जो घटनाएं हुई हैं, उनमें जांच-पड़ताल जारी है। बदमाश जरूर पकड़े जाएंगे।