झांसी। शुक्रवार को 33 वीं वाहिनी पीएसी के राजगढ़ ग्राउंड पर सिपाहियों की भर्ती के लिए अभ्यर्थी की जगह उसका दोस्त दौड़ लगाने पहुंच गया। फोटो का मिलान नहीं होने पर भर्ती प्रक्रिया में तैनात कर्मियों ने कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने हकीकत उगल दी। ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों ने दोनों को पकड़कर प्रेमनगर थाना पुलिस के हवाले कर दिया, जबकि एक साथी मौका पाकर भाग निकला।
हैदराबाद टाइम टेक्नोलॉजी के कर्मी अजय कुमार वर्मा पुत्र राजकिशोर वर्मा निवासी फूल बाग कालोनी गुडम्बा लखनऊ ने बताया है कि शुक्रवार को रोल नंबर 0252051 के अभ्यर्थी रामलखन गुर्जर पुत्र राजनाथ गुर्जर निवासी गोरमी भिंड को दौड़ में शामिल होना था। उपस्थिति दर्ज करने के बाद उसे चेस्ट नंबर 8489 आवंटित कर दिया गया। एक युवक चेस्ट नंबर लगाकर दौड़ने वालों की लाइन में शामिल हो गया।
अचानक भर्ती में लगे कर्मियों की नजर चेस्ट नंबर 8489 के युवक पर पड़ी, जिसकी गतिविधि संदिग्ध थी। दौड़ शुरू होने से पहले जब फार्म पर लगे फोटो का मिलान किया गया तो काफी अंतर नजर आया। उससे पूछताछ की गई तो पहले वह अपना नाम रामलखन गुर्जर ही बताता रहा। हस्ताक्षर मिलवाए गए तो वह भी अलग निकले। कड़ाई से पूछताछ की तो उसने अपना नाम सोनू गुर्जर पुत्र अतर सिंह निवासी गोरमी भिंड बताया।
उसने बताया कि वह रामलखन गुर्जर का बचपन का दोस्त है। भर्ती में लगे पुलिस कर्मियों ने घेराबंदी करके रामलखन गुर्जर को भी पकड़ लिया। इस मामले में अजय कुमार वर्मा ने रामलखन गुर्जर, सोनू गुर्जर व अजय गुर्जर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। मौका पाकर अजय गुर्जर भाग निकला।
एसपी सिटी गरिमा सिंह ने बताया है कि शुक्रवार को उसके फोटो का मिलान किया गया तो भिन्नता पाई गई। कड़ाई से पूछताछ करने पर दौड़ में शामिल युवक ने अपना नाम सोनू गुर्जर बताया। यह भी खुलासा किया कि वह रामलखन के बदले दौड़ लगाने आया है। घर से वह, रामलखन व अजय गुर्जर एक साथ आए हैं। सोनू के कब्जे से पुलिस ने राम लखन का एडमिट कार्ड, आधार कार्ड व पता बरामद किया है।