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बहती रहीं आंसुओं की धार, पथराई आंखें

Tue, 30 Aug 2016 01:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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murder case, jhansi news - फोटो : amar ujala, jhansi news
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झांसी। मां पहले ही गुजर गईं थी, अब बहन और पिता भी छोड़ के चले गए। मैं तो अकेला ही रह गया। यह कहते-कहते दीपांशु (निक्की) की आंखों से इस कदर आंसुओं की धार बही कि वह पथरा गईं। दोहरे हत्याकांड का शिकार हुए राजीव नारायण माथुर व उनकी पुत्री प्रिया का अंतिम संस्कार सोमवार को श्याम चौपड़ा स्थित श्मशान घाट पर हुआ।
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दीपांशु बंगलूरू की एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। 21 दिन की छुट्टियां मनाने के बाद वह शनिवार को 12650 अप यशवंतपुर संपर्क क्रांति एक्सप्रेस से बंगलूरू के लिए रवाना हुआ था। सुबह जब हादसे का पता लगा तो उसकी ट्रेन कुन्नूर के पास थी। हादसे की सुनकर वह बदहवास हो गया। किसी तरह अपने को संभाला और कोच टीटीई से हैदराबाद जाने की सलाह मांगी। टीटीई ने कहा वह कुन्नूर में उतर जाए। कुन्नूर से उतरकर टैक्सी पकड़ी और हैदराबाद हवाई अड्डे पर पहुंच गया। यहां दोस्तों की मदद से टिकट बुक हो गया। इसके बाद दीपांशु हैदराबाद से फ्लाइट पकड़कर दिल्ली आया और दिल्ली से यूपी संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में सवार होकर रविवार की रात झांसी आ गया।

सोमवार को पोस्टमार्टम हाउस में वह परिजन व रिश्तेदारों से पिता व बहन के शव को देखने की बार-बार जिद करता रहा। वे सब किसी तरह उसको संभाले रहे। पोस्टमार्टम होने के बाद जब बहन व पिता का शव उसकी आंखों के सामने आया तो आंसुओं की धार बह निकली। अंतिम संस्कार के लिए शवों को श्याम चोपड़ा मुक्ति धाम ले जाया गया, जहां दीपांशु ने पिता व बहन के शव को मुखाग्नि दी।
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बृहस्पतिवार को नहीं हो सके थे सफल 
दीपांशु ने बताया कि उसके पिता राजीव नारायण माथुर ने जून माह में ही अपने घर में एक्वेरियम लगवाया था। बीच में दो बार ही विशाल अपने साथियों के एक्वेरियम का पानी बदलने आया था। इस दौरान उन्होंने घर के हालातों का आकलन कर लिया था। दीपांशु के शादी की चर्चा भी सुन ली थी। अभियुक्त पहले बृहस्पतिवार को ही घटना को अंजाम देने आए थे। मगर, राजीव नारायण ने विशाल बाथम को यह कहकर एक्वेरियम का पानी बदलने से इंकार कर दिया था कि दीपांशु शनिवार को चला जाएगा, इसके बाद ही वह काम कराएंगे। अभी उसके जाने की तैयारियों के कारण व्यस्त है, इससे वह वापस लौट गए थे।

सीसीटीवी फुटेज बना सबसे बड़ा क्लू 
अपराधी कितना भी चालक क्यों न हो? कोई न कोई निशान छोड़ जाता है। राजीव नारायण के घर में कैमरा नहीं लगा था। यह बात आरोपियों को पता थी। मगर, उन्हें यह बात पता नहीं थी कि ठीक बगल में परफेक्ट पैथोलॉजी पर लगी एक तीसरी आंख (सीसीटीवी कैमरा) उनकी गतिविधियां कैद कर रही है। पुलिस के पास यही बड़ा क्लू था, जिसके जरिये वह हत्यारों तक पहुंच गई। हालांकि, यह बात बाद में पता चली कि प्रिया ने रात साढ़े आठ बजे दीपांशु से बात की थी। प्रिया ने दीपांशु को बताया था कि घर में एक्वेरियम ठीक करने वाले काम कर रहे हैं। पुलिस को दीपांशु से कुछ पता चलता इसके पहले ही सीसीटीवी फुटेज की मदद से हत्यारे पकड़े गए। बताते चले कि परफेक्ट पैथोलॉजी की दूसरी मंजिल में लगी स्पॉट लाइट में कैमरा लगा हुआ है। रात में दूर से कैमरा दिखाई नहीं देता है, सिर्फ लाइट जलती नजर आती है। 

प्रिया के जिस्म पर 14 जख्म
हत्यारों ने प्रिया के जिस्म पर 14 दफा चाकूओं से हमला किया। इससे साफ है कि प्रिया काफी समय तक हत्यारों से संघर्ष करती रही। 
रात 10.30 बजे प्रिया अपने भाई दीपांशु से मोबाइल पर बात करने के बाद अपने कमरे से जैसे ही बाहर के कमरे में आई तो वहां का नजारा देखकर भयभीत हो गई। हत्यारे उसके पिता पर पीछे से चाकूओं से बार कर रहे थे। डर के वह कमरे की तरफ भागी और बाथरूम में पहुंचकर कुंडी बंद करने की कोशिश की, मगर एक हत्यारे के हाथ में उसके बाल आ गए और वह प्रिया के बालों को पकड़कर घसीटता हुआ दूसरे कमरे तक ले आया। यहां हत्यारों ने एक के बाद एक चौदह बार चाकूओं से उस पर बार किया। इसमें आठ बार गहरे व छह जख्मी हल्के थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार हत्यारों ने प्रिया का आधा गला रेता, बांये हाथ में तीन जगह, दायें हाथ में दो जगह, सीने पर दो व चाकू पकड़ने में उसकी अंगुलिया जख्मी हो गई। 

हत्यारों ने बदले कपड़े 
पुलिस सूत्रों की मानें तो हत्यारे अपने साथ कपड़े भी लिए थे। उनके दिमाग में था कि हत्या करने पर उनके कपड़े खून से रंग जाएंगे। ऐसा ही हुआ। घर से बाहर निलकने के पहले बदमाशों ने कपड़े बदले थे और खून से रंगे कपड़े साथ ले गए। हालांकि, यह बात पुलिस ने जांच में सामने नहीं लायी है। हत्यारे एक लैपटॉप भी साथ ले गए थे, जिसे उन्होंने नोटघाट पुल में जाकर फेंक दिया था।   
 
इक्कीस लाख रुपये की रखी थी डिमांड 
पूछताछ करने वाले पुलिस के एक सिपाही ने बताया कि हत्यारों ने वारदात को अंजाम देने से पहले राजीव नारायण माथुर पर तमंचा रखकर रकम निकालने को कहा था, मगर उसमें उन्होंने असमर्थता जताई। इस पर हत्यारों ने कहा कि उन्हें मालूम है कि उनके बेटे की शादी होने वाली है और उनके पास मोटी रकम होगी। वह केवल उनको इक्कीस लाख रुपये दे दें। हत्या की प्लानिंग तो वह पहले से बनाकर आए थे। उनको जब मोटी रकम नहीं मिली तो बेरहमी से उनका कत्ल कर दिया।  

गिरफ्तार करने वाली टीम 
नवाबाद थाना प्रभारी बीएल यादव, सीपरी बाजार थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार यादव, उपनिरीक्षक ओपी यादव, सुनीत कुमार, प्रेमचंद्र, अहमद रजा, उदयवीर, नागेंद्र सिंह, कांस्टेबल अजय यादव, सूर्य प्रकाश, बृजेश सिंह तोमर, प्रवीण, ओमप्रकाश, विनय, कुंवर सिंह, दिलीप कुमार। इस टीम को डीजीपी ने बीस हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की है।

प्रिया को अर्पित किए गए श्रद्धासुमन 
झांसी। माडर्न पब्लिक स्कूल में सोमवार को श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई, जिसमें विद्यालय की शिक्षिका प्रिया माथुर व उनके पिता राजीव नारायण माथुर की नृशंस हत्या पर गहरा दुख जताया गया। इस दौरान मौन धारण कर उनकी आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की गई।


निर्मम हत्या के शोक में डूबा शहर 
बुंदेलखंड मुक्ति मोर्चा के बैनर तले सोमवार को विभिन्न संगठनों की बैठक का आयोजन हुआ, जिसमें पिता-पुत्री की हत्या पर शोक व्यक्त किया गया। वक्ताओं ने कहा कि राजीव नारायण माथुर व उनकी बेटी प्रिया की निर्मम हत्या से पूरा शहर शोक में डूबा हुआ है। लोग असुरक्षा महसूस कर रहे हैं। महानगर में डकैती, लूट, हत्या, महिलाओं एवं छात्राओं के साथ छेड़छाड़ जैसी घटनाएं असामाजिक तत्व आए दिन कर कर रहे हैं। बैठक में मंगलवार को शैक्षिक संस्थान, व्यापारी व अन्य प्रतिष्ठान स्वेच्छा से बंद रखने का निर्णय लिया गया। इस दौरान दोपहर बारह बजे रानी लक्ष्मीबाई पार्क में दिवंगतों आत्माओं की शांति के लिए श्रृद्धांजलि सभा का आयोजन होगा। बैठक में डॉ. बाबूलाल तिवारी, महंत वैदेही बल्लभ महाराज, पूर्व मंत्री हरगोविंद कुशवाहा, संजय पटवारी, मनोज मिश्रा, ग्यासी लाल, डॉ. एमएल मौर्य, शैलजा तिवारी, विजय साहू, तिलक परिहार उपस्थित थे। संचालन दिनेश भार्गव ने किया।

वारदात :

रात 8.26 बजे-  राजीव नारायण माथुर ने घर के बाहर खड़ी अपनी आई टेन कार को घर के पोर्च में खड़ा किया।
रात 8.38 बजे- तीनों बदमाशों ने घंटी बजाकर मुख्य दरवाजा खुलवाया और एक्वेरियम ठीक करने के लिए अंदर चले गए।
रात 10.30 बजे- दूसरे कमरे में मौजूद प्रिया के पास ट्रेन से बंगलूरू जा रहे भाई दिव्यांश का खैर खबर लेने के लिए फोन आया। प्रिया ने आम दिनों की तरह सहजता से बात की। भाई को यह भी बताया कि एक्वेरियम ठीक करने वाले आए हैं।
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रात 10.35 बजे- बदमाशों ने पहले राजीव नारायण व बाद में प्रिया पर हमला कर दिया।
रात 11.01 बजे- हत्या व लूटपाट करने के बाद बदमाश मुख्य दरवाजे से निकलकर चले गए।
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