झांसी। श्याम चौपड़ा के प्राचीन रामजानकी मंदिर से चोरी गई मूर्तियों की तलाश में पुलिस ने दो तरफ से जांच शुरू कर दी है। मंदिर को लेकर चल रहे विवाद की दिशा में जहां पुलिस गहराई से छानबीन कर रही है तो दूसरी तरफ एक सूचीबद्ध मूर्ति चोर की तलाश भी तेज कर दी गई है। घटना स्थल पर ताला टूटा नहीं बल्कि चाबी से खुला हुआ पाया गया है, इसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
मालूम हो कि राम जानकी मंदिर से बृहस्पतिवार की रात छत से होकर मंदिर में घुसे बदमाश सिंहासन पर विराजमान अष्टधातु की जानकी व लक्ष्मण जी समेत देवी-देवताओं की सात प्राचीन मूर्तियां, सोने-चांदी के जेवर तथा नकदी चुराकर ले गए थे। मूर्तियों की बाजार में कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। चोरों की तलाश में पुलिस की कई टीमों को लगाया गया है।
सूत्र बताते हैं कि जिस तरह से वारदात को अंजाम दिया गया है, उसको ध्यान में रखकर पुलिस दो दिशा में तेज गति से काम कर रही है। मंदिर के दरवाजे पर लगा ताला बदमाशों ने तोड़ा नहीं था, बल्कि चाबी से खोला था, इससे जाहिर है कि बदमाशों को पता था कि चाबी कहां पर रखी जाती है? यदि रखी चाबी बदमाशों ने इस्तेमाल नहीं की तो उन्होंने दूसरी चाबी बनवाई थी। इस वजह से पुलिस मंदिर आने-जाने वालों और मंदिर को लेकर चल रहे विवाद को टटोलने में लगी हुई है।
वहीं, पुलिस की एक टीम कोतवाली क्षेत्र में रहने वाले मूर्ति चोर की तलाश में जुटी हुई है क्योंकि कई स्थानों पर वारदातों को अंजाम दे चुका है। चूंकि, उसके परिजन उसके बारे में कोई जानकारी नहीं पता पा रहे हैं, इसलिए पुलिस टीम ने उसकी तलाश शुरू कर दी है। उसके मोबाइल नंबर की सीडीआर (कॉल डिटेल रिकार्ड) निकलवाई जा रही है। सर्विलांस से भी उसकी लोकेशन के बारे में जानकारी नहीं मिल रही है।
एसपी सिटी गरिमा सिंह ने बताया कि पुलिस कोतवाली क्षेत्र में रहने वाले शातिर मूर्ति चोर की तलाश रही है। वहीं, जिस तरह से वारदात हुई है, उसे भी ध्यान में रखकर पड़ताल की जा रही है। अधिक संभावना यह है कि वारदात में मंदिर आने-जाने वाला अथवा कोई नजदीकी शामिल है।