झांसी। अठहत्तर साल की उम्र में भी लाड़कुवांरी देवी ने पूरी हिम्मत दिखाई। उन्होंने बदमाशों से आखिरी सांस तक संघर्ष किया। इसके सुबूत घटनास्थल के आसपास बिखरे मिले।
लाड़कुवांरी देवी शारीरिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ थीं। उन्हें घर के नियमित कामकाज में किसी की आवश्यकता नहीं होती थी। वह अपना सारा काम खुद करतीं थीं और घर पर पूरी नजर रखती थीं। मुहल्ले में भी उनकी पहचान कड़क स्वभाव की महिला के रूप में थी। वह ज्यादा किसी से बात नहीं करतीं थीं और घर के आसपास किसी को नहीं भटकने देती थीं। नजर पड़ते ही टोक देती थीं। बुधवार को जब बदमाश उनके घर दाखिल हुए, तो वह उनसे भिड़ गईं। बदमाश भी उन्हें आसानी से काबू नहीं कर पाए। इसके सुबूत घर के पहले कमरे में बिखरा पड़ा सामान दे रहा था। इसके अलावा हाथों कि अंगुलियां बता रहीं थीं कि लाड़कुवांरी देवी ने बदमाशों को नोंचने की कोशिश की। इस दौरान वह चिल्लाईं भीं। रोकने के लिए बदमाशों ने घर रखी छोटी तौलिया को उनके मुंह में ठूंस दिया। इसके बाद उन्होंने गले पर वार किया।
सब्जी वाले चाकू से काटा गला
बदमाशों ने हत्या को अंजाम देने के लिए घर में रखे चाकू का इस्तेमाल किया। संभावना जताई जा रही है कि पहले बदमाशों ने गले पर चाकू से वार किए और उसके बाद रेता। वृद्धा की मौत के बाद उन्होंने घर के निचले हिस्से के कमरों की अल्मारी खंगाली और उसमें रखी नकदी और कीमती सामान ले उड़े। घर की अलमारियों में रखीं चांदी की मूर्ति को भी बदमाशों ने ले जाने के लिए बोरी में भर लिया था, परंतु वह भारी होने की वजह से घर में ही छोड़कर चले गए। पुलिस द्वारा घटना का समय दोपहर दो से शाम चार बजे के बीच बताया जा रहा है।
डॉग स्क्वाएड मढ़िया मुहल्ले से लौटा
घटना की जांच के लिए डॉग स्क्वाएड भी आया। वह घटना स्थल से निकलकर पहले पास की ही एक गली में घुसा। यहां वह गली के अंतिम छोर पर स्थित असलम खान के मकान से वापस लौट आया। यहां से निकलकर डॉग स्क्वाएड सैंयर गेट की मुख्य सड़क से होता हुआ बीआईसी स्कूल के पास की गली से मढ़िया मुहल्ले में सलीम के मकान पर पहुंचा। घर के अंदर जाकर यहां से भी वापस लौट आया।
हाई प्रोफाइल है फैमिली
लाड़कुवांरी देवी के पति स्व. के बी सिंह रेलवे के एडीआरएम पद थे। उनके एक पुत्र डा. राजेंद्र सिंह जिला अस्पताल में कार्यरत हैं, जबकि बहू हेमलता गैस एजेंसी की संचालक हैं। दूसरे बेटे सुरेंद्र सिंह रेलवे में एजीएम के पद पर कार्यरत थे। उनका 29 मई को निधन हुआ। एक बेटी राजेश्वरी देवी के पति जी पी राजौर छतरपुर के महाराज डिग्री कालेज के रिटायर्ड प्रिंसिपल हैं। दूसरी बेटी सुनीता के पति डा. रमेश चंद्रा अभी हाल ही में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के पद से रिटायर हुए हैं। तीसरी बेटी जयश्री के पति सुरेश चंद्र ओएनजीसी में एजीएम हैं।