मंच दाहिने खड़े सुरक्षा कर्मियों पर गिर सकती है गाज
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झांसी। केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती और केंद्रीय आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीपद येसो नाईक की सुरक्षा में चूक के मामले की जांच तेज हो गई है। मंच पर सुरक्षा घेरा (डी) के दाहिनी ओर खड़े सुरक्षा कर्मियों को तलब कर बयान दर्ज किए जा रहे हैं। उनकी लापरवाही सामने आई है। उन पर कार्रवाई हो सकती है। एलिम्को की ओर से की गई व्यवस्थाओं में भी गड़बड़ी की बात सामने आई है।
नौ दिसंबर को जीआईसी ग्राउंड में दिव्यांगों को उपकरण बांटने का आयोजन किया गया था, जिसमें दोनों केंद्रीय मंत्री मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। मंच की सुरक्षा के लिए डी घेरा बनाया गया था। जिलाधिकारी व एसएसपी खुद सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाले थे। स्थानीय खुफिया इकाई भी पूरी तरह से अपना जाल फैलाए थी। इतना सब कुछ होने के बावजूद वाहनों से करीब 24-25 दिव्यांग प्रदर्शन करते हुए डी घेरे तक पहुंच गए। इससे दोनों मंत्रियों की सुरक्षा व्यवस्था खतरे में पड़ गई। हरकत में आई पुलिस ने किसी तरह से प्रदर्शनकारियों को घेरे में लेकर शांत किया। इस मामले की गंभीरता को देखकर एसएसपी ने एसपी सिटी को 10 दिन के अंदर जांच करके दोषियों को चिह्नित करने के आदेश दिए। उन्होंने अपने पत्र में स्पष्ट उल्लेख किया कि यदि प्रदर्शनकारियों के पास हथियार होते तो वीआईपी की जान खतरे में पड़ सकती थी।
पुलिस सूत्र बताते हैं कि एसपी सिटी ने डी सुरक्षा घेरे के दाहिनी तरफ खड़े पुलिस कर्मियों व अधिकारियों को नोटिस भेजकर तलब किया है। झांसी के अधिकांश और जालौन व ललितपुर के कुछ सुरक्षा कर्मी अपने बयान दर्ज करवा चुके हैं। उनकी लापरवाही सामने आई है। जांच से खुलासा हुआ है कि एलिम्को की विकलांगों को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाने की जिम्मेदारी थी, मगर उसने ऐसा नहीं किया। जांच अधिकारी एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह का कहना है कि मंच के दाहिनी तरफ सुरक्षा में खड़े दारोगा और इंस्पेक्टर के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जल्द ही दोषियों को चिह्नित कर कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।