अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या छह सुरेंद्र कुमार सिंह (द्वितीय) ने नाबालिग दलित बालिका का अपहरण और बलात्कार का दोष सिद्ध होेने पर अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
सकरार थाने में दी तहरीर में लुहारी गांव निवासी एक व्यक्ति ने बताया था कि उसकी 12 वर्षीय पुत्री, जो कि कक्षा पांच तक शिक्षित है। छह अक्तूबर 2018 को पड़ोस का ही भगवत कुशवाहा बहला- फुसलाकर ले गया है। काफी खोजबीन के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला है। पिता ने बताया कि भगवत अक्सर उसके दरवाजे पर बैठता था। कई बार मना करने पर दलित कहकर उसे अपमानित करता था। तहरीर के आधार पर पुलिस ने धारा 363, 366, 376, 506 एवं धारा 3(2)5 एससी/एसटी एक्ट एवं 3/4 पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर लिया।
पुलिस ने विवेचना के उपरांत आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया, जहां साक्ष्याें के आधार पर अभियुक्त भगवत कुशवाहा को एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)5 में आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। पैरवी विशेष लोक अभियोजक शारिक इकबाल ने की।