झांसी। सर्किट हाउस प्रकरण में सपा नेत्रियों के साथ हुए मारपीट के हाईप्रोफाइल मामले में पुलिस फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। सीपरी बाजार थाने में दर्ज दोनों मामलों की पीड़िताओं के पुलिस कलमबंद बयान दर्ज कराएगी, वहीं घटना के वक्त सर्किट हाउस में मौजूद रहे समाजवादी पार्टी के जिला व शहर संगठन के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के भी बयान लिए जाएंगे।
17 जुलाई को सपा पर्यवेक्षक विधानसभा चुनाव की समीक्षा करने सर्किट हाउस आए थे, जहां राज्य महिला आयोग की सदस्या सुषमा यादव से मारपीट की गई। मामले में राज्यसभा सांसद डा. चंद्रपाल सिंह यादव, गरौठा विधायक दीपनारायण सिंह यादव, जिलाध्यक्ष सुदेश पटेल, सिंहवृत्त सिंह उर्फ बबुआ, सुनीता कुशवाहा, मीरा रायकवार, पुष्पा शिवहरे व 10-15 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई। उन्होंने कमरे में बंद करके पिटाई करने तथा जान से मारने की धमकी देकर अश्लील हरकत करने व मोबाइल, सोने की चेन व पर्स लूटने का आरोप लगाया। उस समय इस मामले में नया मोड़ आया जब दूसरी तरफ से सपा नेत्री सुनीता कुशवाहा ने पूर्व एमएलसी श्याम सुंदर सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष संत सिंह सेरसा, विशन सिंह यादव, सुषमा यादव व उनके साथियों के खिलाफ कमरे में बंद करके गाली गलौज, छेड़खानी करने और विरोध करने पर गले से सोने की जंजीर, मंगलसूत्र, हाथ की अंगूठी व पर्स लूटने की रिपोर्ट दर्ज कराई।
मामला सत्तादल के प्रभावशाली दो गुटों के बीच में चल रही खींचतान का होने की वजह से पुलिस भी फूंक-फूंककर कदम बढ़ा रही हैं। थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार यादव ने बताया कि सर्किट हाउस में मौजूद सपा के जिला व शहर संगठन के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को बुलाकर बयान दर्ज किए जाएंगे तथा दोनों पक्ष की पीड़िताओं के छेड़छाड़ के मामले में कोर्ट में कलमबंद बयान दर्ज करवाने की दिशा में भी प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।