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कैदी ने कचहरी के बंदीगृह में पी हेयर डाई

Fri, 03 Jun 2016 12:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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khedi, jhansi news - फोटो : demo
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झांसी। जिला जेल में लगातार मिल रही यातना से परेशान कैदी ने बृहस्पतिवार को कचहरी के बंदी गृह में हेयर डाई पी ली। उसकी हालत बिगड़ने से सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों में हड़कंप मच गया। वह उसे तत्काल मेडिकल कालेज लेकर आए, जहां चिकित्सकों ने भर्ती कर लिया। कैदी को कचहरी में पेशी पर लाया गया था. इसी दौरान यह घटना हो गई।
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कैदी ने आरोप लगाया है कि जेल में रुपयों के दम पर हर काम होता है, जिसके पास पैसा नहीं उसे दोयम दर्जे का व्यवहार कर प्रताड़ित किया जाता है। जिला जेल में निरुद्ध मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले के तरीचर कला निवासी राहुल शर्मा पुत्र जगदीश शर्मा निवासी ने बताया कि 24 जून 2015 में झांसी की नवाबाद थाना पुलिस ने मादक पदार्थ की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार करके उसे जेल भेजा था, उसके ऊपर सीपरी बाजार में लूट करने का भी आरोप है।

उसने बताया कि 15 मई को उसकी मां कुसुमा देवी जेल में मुलाकात करने आई थी। वह इधर-उधर से उधारी करके उसे 10 हजार रुपये वकील को देने के लिए दे गई, जो उसने जेल में रखवा दिए। विगत दिनों पता चला कि उसके रुपये में से 10 फीसदी यानी एक हजार रुपये काट लिए गए हैं। इसकी जानकारी होने पर उसने सारे रुपये मांगे तो उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई, तब से उसके साथ लगातार मारपीट की जा रही है, इसकी वजह से उसकी पीठ पर घाव हो गए हैं।
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उसने बताया कि जेल की प्रताड़नाओं से तंग आकर पहले उसने कोर्ट में उपस्थित होकर शिकायत करने का फैसला लिया, इसके चलते उसने प्रार्थना पत्र लिख लिया। इसके बाद उसने सोचा कि यदि उसने शिकायत की तो उसे और प्रताड़ित किया जाएगा। इस पर उसने आत्महत्या करने जैसा कदम उठाने का फैसला कर लिया।

उसने जेल के अंदर ही 100 रुपये देकर हेयर डाई का पैकेट मंगाया और रख लिया। बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेशी पर जाते समय हेयर डाई का पैकेट जेब में रख लिया। वह जेल से कचहरी के बंदीगृह पहुंचा, जहां उसने मौका मिलते ही हेयर डाई पी ली। जब उसकी हालत बिगड़ी तो पुलिस कर्मी मेडिकल कालेज लेकर आए।

उसने आरोप लगाते हुए बताया कि जेल के अंदर कैदियों को स्पेशल रोटी व स्पेशल सब्जी बेची जाती है। रुपये देने वालों को कोई परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है। मुलाकातियों से 10-10 रुपये लिए जाते हैं। रुपये नहीं देने वालों के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार किया जाता है। जब जांच करने के लिए कोई अधिकारी आता है, तो इतना दबाव बना दिया जाता है कि कोई भी कैदी मुंह खोलने की हिम्मत नहीं कर पाता है।

जेल अधीक्षक एके मिश्रा ने बताया कि मुलाकात का काम जेल व डिप्टी जेलर देखते हैं, यदि उसके रुपये काटे गए अथवा मारपीट की गई तो उसे बताना चाहिए था। उन्होंने कहा कि राहुल शर्मा से जेल में आने के बाद पूछताछ करके जांच करवाई जाएगी। यदि उसके आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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