झांसी। पुलिस ने आपरेशन हैंडओवर के तहत जिले के विभिन्न थानों पर खड़े 976 लावारिस वाहनों में से 573 के मालिकों का पता लगा लिया गया है। इनमें से 50 वाहनों को उनके स्वामियों को सौंप दिया गया है। यह अभियान आईजी जोन ने झांसी में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया है। इसके बाद इसे पूरे प्रदेश में चलाया जाएगा।
पुलिस महानिदेशक जावीद अहमद ने 22 अप्रैल को थानों पर खड़े वाहनों का निस्तारण करने के आदेश दिए थे। इसके चलते विगत दिनों एसएसपी मनोज तिवारी ने एक टीम गठित की, इसमें एसपी सिटी गरिमा सिंह, एसपी देहात दिनेश सिंह, सीओ मऊरानीपुर सुबोध गौतम, प्रभारी निरीक्षक सदर महेशचंद्र गौतम, आरक्षी मोहित सिंह, जितेंद्र रावत, सतीश कुमार, संदीप, अफसर मलिक, इमरान खान व विध्यांचल शर्मा को शामिल किया गया। टीम ने थानों पर खड़े लावारिस वाहनों की सूची तलब की, इनमें कारें, ट्रैक्टर व दोपहिया समेत 976 वाहन शामिल थे। टीम ने आरटीओ झांसी से वाहन साफ्टवेयर लेकर वाहनों के रजिस्ट्रेशन नंबर, इंजन नंबर, चेचिस नंबर के आधार पर वाहन स्वामियों का पता लगाना शुरू किया, इसमें संभागीय परिवहन अधिकारी संजय सिंह ने विशेष सहयोग दिया।
एसएसपी ने बताया कि साफ्टवेयर से 573 वाहनों के स्वामियों के बारे में जानकारी हुई। इनसे संपर्क किया गया तो पता चला कि तमाम वाहन दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्यप्रदेश, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ आदि राज्यों के हैं। इनमें से 54 वाहनों की चोरी के मामले संबंधित थानों में दर्ज हैं। पुलिस ने 523 वाहनों के स्वामियों को वाहन मिलने की सूचना दी। इसके तहत शुक्रवार को वाहन सौंपने का अभियान शुरू कर दिया गया। पहले चरण में पुलिस ने 50 वाहन स्वामियों को पुलिस लाइन में माला पहनाकर उनके चोरी गए वाहन सौंपे, जिन्हें पाकर उनके चेहरे खिल गए। उन्होंने बताया कि सौंपे जाने वाले वाहनों की अनुमानित कीमत दो करोड़ 85 लाख रुपये बताई गई है। एसएसपी व आरटीओ ने संयुक्त रूप से 50 वाहन स्वामियों को वाहन सौंपे। इस दौरान एसएसपी मनोज तिवारी व आरटीओ संजय सिंह मौजूद रहे।
इन स्थानों पर वाहनों के बारे में जानकारी लें
एसएसपी ने बताया कि शेष वाहनों के बारे में जल्द पता कर लिया जाएगा। जिनके वाहन चोरी गए हैं और वे इनका पता करना चाहते हैं तो वह सीसीटीएनएस/डीसीआरबी कार्यालय में संपर्क करके अपने वाहनों के बारे में जानकारी कर सकते हैं।
एसएसपी ने टीम को किया पुरस्कृत
इतनी बड़ी सफलता पर एसएसपी ने गठित टीम को पांच हजार रुपये के इनाम से पुरस्कृत किया है। उन्होंने बताया कि आईजी जोन ने आपरेशन हैंडओवर को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में झांसी में लागू किया है, जो जल्द पूरे जोन में चलाया जाएगा।