झांसी। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों द्वारा फर्जी मेडिकोलीगल (चिकित्सीय रिपोर्ट) बनाने के आरोपों की जांच के आदेश एसएसपी ने नवाबाद थाना पुलिस को दे दिए हैं। केकेपुरी निवासी कुलवंत ढल ने बुधवार को एसएसपी से मुलाकात कर शिकायती पत्र सौंपकर दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की थी।
उन्होंने बताया कि 17 जून को वह अपनी बेटी मीनू ढल के साथ एसएसपी से मुलाकात कर एक रिश्तेदार द्वारा मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों से मिलीभगत कर फर्जी मेडिकोलीगल बनवाने की शिकायती की थी। इसके साथ ही दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी। इस पर एसएसपी ने सीपरी बाजार थाने जाने को कहा था।
जब वहां पर वह गईं तो पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने से मना करते हुए कहा कि मामला उनके क्षेत्र में न आकर नवाबाद थाना क्षेत्र का है। 20 जून को मामला नवाबाद थाने में स्थानांतरित कर दिया गया। 24 जून को स्पीड पोस्ट के जरिए नवाबाद थानाध्यक्ष को शिकायती पत्र और दस्तावेज सौंपे गए लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। बुधवार को वह फिर एसएसपी से मिलीं और मुकदमा दर्ज करने की मांग की। एसएसपी मनोज तिवारी ने नवाबाद थाना पुलिस को जांच कर कार्रवाई के आदेश दे दिए हैं।
यह है मामला
केकेपुरी निवासी मीनू ढल ने मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर से 23 मई को फर्जी मेडिकोलीगल बनवाया था। उनका आरोप है कि मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की मदद से उनके रिश्तेदार ने फर्जी मेडिकोलीगल बनवाकर उन पर और उनकी मां के खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया है। मेडिकल कॉलेज में फर्जी मेडिकोलीगल बनाने के खेल को उजागर करने के लिए उन्होंने खुद का फर्जी मेडिकोलीगल बनाया और डॉक्टर से बातचीत की रिकॉर्डिंग भी कर ली।
यह फर्जी मेडिकोलीगल दो हजार रुपये लेकर डॉक्टर ने बनाया है। इस मामले में एक डॉक्टर का निलंबन हो चुका है और मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने जांच समिति भी गठित कर दी है। 20 जून को कमेटी ने मीनू के बयान भी दर्ज किए हैं।