यदि आप किसी शादी समारोह में शामिल होने जा रहे हैं, तो अपना वाहन विवाहघरों की पार्किंग में ही खड़ा करें। सड़क पर वाहन खड़ा किया तो ट्रैफिक पुलिस खींचकर ले जाएगी और जुर्माना वसूल करने के बाद ही छोड़ेगी। इस बाबत मंगलवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अखिलेश चौरसिया ने आदेश दिए हैं।
शहर में लगभग 250 छोटे-बड़े विवाहघर हैं, जिनमें से अधिकांश में पार्किंग नहीं है। इससे शादी-समारोह में शामिल होने के लिए आने वाले लोग अपने वाहनों को विवाहघर के सामने सड़क पर ही खड़ा करते हैं। इससे मैरिज होम के सामने सड़क पर वाहनों की लाइनें लग जाती हैं। वाहनों के बेतरतीब खड़े होने से मार्ग संकरा हो जाता है। वाहनों से संकरी हुई सड़क से जब बारात गुजरती है, तो पूरी तरह से जाम लग जाता है। पुलिस भी जाम को खुलवाने के लिए नहीं आती है। जाम में लोग घंटों फंसे रहते हैं। वहीं, विवाहघर के आसपास रहने वाले लोगों का परेशान होती है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि जिस दिन विवाहघर में शादी समारोह होता है, उस दिन रात काटना मुश्किल हो जाता है। बेखौफ होकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की धज्जियां उड़ाई जाती हैं। देर रात तक तेज आवाज में डीजे बजता रहता है। उनके दरवाजों पर शादी-समारोह में आने वाले लोग अपने वाहन खड़े कर देते हैं। इससे घर से निकलने में मुश्किल होती है। उनके वाहन घर के अंदर तक नहीं आ पाते हैं। मजबूरन अपने वाहनों को घर के बाहर खड़ा करना पड़ता है। जब शादी समारोह में आए लोग लौट जाते हैं, तब देर रात अपने वाहन घरों में रखने पड़ते हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का कहना है कि शादी समारोह में जाने वाले लोग विवाहघरों की पार्किंग में ही अपने वाहन खड़े करें। यदि विवाहघर के बाहर सड़क पर वाहन खड़े किए तो थाना पुलिस और यातायात पुलिस कार्रवाई करेगी। सड़क पर खड़े वाहनों को खींचकर थानों अथवा ट्रैफिक पुलिस कार्यालय में खड़ा कर लिया जाएगा और जुर्माना वसूलने के बाद ही छोड़ा जाएगा।