बड़ागांव ब्लाक के मवई गिर्द गांव के प्रधान विक्रम सिंह को जिलाधिकारी कर्ण सिंह चौहान ने गांव में हो रहे अवैध बालू खनन का दोषी माना है। डीएम ने उन्हें नोटिस दिया है। इसी तरह उन्होंने बामौर ब्लाक के आलमपुरा गांव के ग्राम विकास अधिकारी को गांव में बनी सीसी सड़क में कम बालू मिलाने की शिकायत मिलने पर नोटिस दिया है। उन्होंने बीस दिन में जवाब देने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी ने जिला खान अधिकारी, एसडीएम, डीपीआरओ, सहायक विकास अधिकारी व ग्राम पंचायत सचिव के साथ पिछले दिनों मवई गिर्द गांव का निरीक्षण किया था। इस दौरान यहां अवैध रूप से बालू खनन होते मिला था। इसके लिए उन्होंने ग्राम प्रधान को दोषी माना और कारण बताओ नोटिस जारी कर 20 दिन में साक्ष्यों के साथ जवाब देने के निर्देश दिए हैं। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने बताया कि आलमपुरा गांव के सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) ने अपनी निरीक्षण रिपोर्ट में बताया था कि गांव में सुरेश कुमार के घर से बहादुर नायक के घर तक 1.97 लाख रुपये से 40 मीटर लंबी सीसी सड़क बनवाई जा रही थी। निरीक्षण में ग्राम पंचायत सचिव अशोक कुमार गुप्ता मौके पर नहीं थे। सीसी रोड के बेस कोट के ऊपर पॉलिथीन नहीं बिछाई गई थी। सीमेंट में गिट्टी व बालू के मिश्रण की जगह टॉप कोट में स्टोन डस्ट का मिलाई गई थी। बालू का नाममात्र का प्रयोग किया गया था। 35 मीटर सड़क बन चुकी थी, बाकी पांच मीटर सड़क का निर्माण रुकवा दिया गया। उन्होंने दोषी मानते हुए ग्राम विकास अधिकारी से बीस दिन में जवाब मांगा है।