झांसी। पूनम वर्मा की हत्या का रहस्य गहराता जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अध्ययन से पता चला कि पूनम के चेहरे पर चोट के निशान थे, जो उसके साथ मारपीट होने की ओर इशारा कर रहे हैं। हत्याकांड की जांच में जुटी फोरेंसिक टीम को मौके से एक भी फिंगरप्रिंट नहीं मिला। टीम एक भी सबूत ऐसा नहीं जुटा सकी, जिससे पुलिस हत्यारे तक पहुंच सके। हालांकि, हत्या के समय खुला मिला गेट और उसमें लगी डोर आई किसी परिचित की ओर इशारा कर रही है।
कानपुर की गल्ला मंडी नौबस्ता निवासी व अब दतिया गेट बाहर शांति निवास में रहने वाली पूनम वर्मा (28) की हत्या की जांच को मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने करीब डेढ़ घंटे तक दोनों कमरों की हर वस्तु का गहनता से निरीक्षण किया और फिंगरप्रिंट लिए।
सूत्र बताते हैं कि एक-दो जगह पर फिंगरप्रिंट मिले मगर वह अस्पष्ट थे। दरवाजे पर लगी डोर आई तथा गेट खुला होने और गले में सलवार लिपटी होने से पुलिस ने अनुमान लगाया कि हत्या नजदीकी ने की है। पुलिस ने पूनम के पति और उससे फोन पर लंबी-लंबी बात करने वाले पड़ोसी को अभी तक अपनी हिरासत से छोड़ा नहीं है। दोनों से पूछताछ की जा रही है। विगत दिवस पुलिस अधिकारियों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट का अध्ययन किया तो पता चला है कि उसके साथ मारपीट की गई थी।
उसके चेहरे पर चोट के कुछ निशान मिले थे। हालांकि मौत का कारण स्पष्ट नहीं होने पर बिसरा को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।