महीनों पहले बनकर तैयार हुआ नया पोस्टमार्टम हाउस मशीनों के इंतजार में बंद पड़ा है। यहां अभी तक विद्युत आपूर्ति के लिए उपकरण भी नहीं लगाए जा सके हैं। स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारी कई बार शासन से मशीनों की मांग कर चुके हैं, मगर सुनवाई नहीं हो रही है।
वर्तमान में जिस बिल्डिंग में पोस्टमार्टम किए जाते हैं, वहां भारी अव्यवस्था है। शवों को रखने का कोई इंतजाम नहीं है। एक कमरे में शवों को जमीन पर रखा जाता है। ठंडक नहीं होने से लाशें सड़ने लगती हैं। पोस्टमार्टम हाउस के आसपास इतनी दुर्गंध फैली रहती है कि सांस लेना दूभर होता है। यही नहीं, आए दिन शवों को चूहे अथवा नेवले कुतरकर क्षत-विक्षत कर देते हैं। पोस्टमार्टम भी जमीन पर खुले में किया जाता है। नियमानुसार शव रखने के लिए फ्रीजर होना चाहिए ताकि सड़े नहीं।
आधुनिक पोस्टमार्टम हाउस की मांग उठी तो शासन ने लाखों रुपये खर्च करके पोस्टमार्टम हाउस बनवा दिया है, मगर अभी तक वह चालू नहीं हो सका है। जानकारों का कहना है कि नये पोस्टमार्टम हाउस में अभी तक पानी और बिजली की व्यवस्था नहीं हैं। शासन से एक्सरे मशीन नहीं आई है। शवों को रखने के लिए फ्रीजर भी नहीं आया है। इस स्थिति में आधुनिक पोस्टमार्टम हाउस चालू नहीं किया जा सकता है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. विनोद यादव ने कहा कि आधुनिक पोस्टमार्टम हाउस की बिल्डिंग तैयार हो गई है। एक्सरे मशीन और शवों को सुरक्षित रखने वाला फ्रीजर नहीं आया है। इससे यह चालू नहीं हो पा रहा है। शासन को कई बार पत्र लिखकर उपकरण मांगे गए हैं। उच्चाधिकारियों से भी इस संबंध में बात की गई थी। मशीनें आने के एक पखवाड़े के अंदर ही नया पोस्टमार्टम चालू करवा दिया जाएगा। ठेकेदार को गेट के पास एपेक्स बिछाने के आदेश कर दिए गए हैं। कुछ दिनों में गेट के पास की सड़क सही हो जाएगी।