नौशाद लकड़ी पर पॉलिश का काम करता था। जबकि, उसके पिता सिराज कारपेंटर हैं। वह तीन बहन और तीन भाई है। बहनों की शादी हो चुकी है। भाई इरशाद बड़ा है और दिलशान छोटा है। घर के सभी लोग ईद की तैयारियों में जुटे हुए थे। लेकिन, उनकी खुशियों को ग्रहण लग गया। वहीं, शब्बीर के दो बेटी और दो बेटे हैं। बेटियों की शादी के बाद से शब्बीर की जिम्मेदारी कम हो गई थी। घर में लड़के भी हाथ बंटाने लगे थे। शब्बीर के यहां भी सभी को ईद का ब्रेसब्री से इंतजार था, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था।