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40 लाख फिरौती अदा कर छुड़ाया मयंक को, श्रेय लूट रही पुलिस

Wed, 24 Aug 2016 01:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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police, jhansi news - फोटो : demo
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झांसी/समथर। पुलिस के नाकाम होने पर परिजनों ने 40 लाख की फिरौती देकर अगवा बैंक कर्मी मयंक गंधी को मुक्त कराया लिया। अब साख बचाने के लिए पुलिस अपहरणकर्ताओं की घेराबंदी का स्वांग रच रही है। पूरे मामले की कमान संभाल रहे एसपी सिटी मंगलवार को कुछ भी कहने से बचते नजर आए। 
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समथर के मोहल्ला चौपड़ बाजार निवासी मयंक गंधी सर्व यूपी ग्रामीण बैंक टहरौली में कैशियर के पद पर तैनात हैं। 22 जुलाई को वह बाइक से बैंक जा रहे थे, तभी उनका अपहरण हो गया। उनकी बाइक दूसरे दिन मोंठ थानांतर्गत गांव बम्हरौली के प्राथमिक विद्यालय के पास खड़ी मिली थी। पुलिस प्रेम प्रसंग का मामला बताकर ढिलाई बरत रही थी। लेकिन जब परिजनों से फोन पर 40 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई तो पुलिस सक्रिय हो गई।

तत्कालीन एसएसपी ने पूरे आपरेशन की कमान एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह को सौंपते हुए अपहृत को मुक्त कराने की जिम्मेदारी सौंपी। उनके नेतृत्व में पुलिस की टीमों ने संभावित स्थानों पर छापे भी मारे मगर कोई सफलता नहीं मिली। वहीं, दूसरी तरफ अपहर्ता परिजनों से फिरौती मांगते रहे, जो 40 लाख रुपये पर आकर रुक गई। मयंक की जान खतरे में देख परिजनों ने अपहर्ताओं की बात मान ली। पिता रमाशंकर गंधी ने बताया कि मयंक को 40 लाख रुपये की फिरौती देकर मुक्त कराया गया है। 
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भाई पुनीत ने बताया कि अपहरणकर्ताओं ने चार पहिया वाहन से गांव बरथरी स्टेट सड़क के समीप मयंक को रोका और उसे गाड़ी में डालकर ले गए। कुछ दूरी पर अपहरणकर्ताओं ने ने उसे बेहोशी का इंजेक्शन लगा दिया। गाड़ी में छह बदमाश सवार थे। जब उसे होश आया तो स्वयं को एक बंद कमरे में पाया। पुनीत के अनुसार अपहरणकर्ता मयंक को ललितपुर से करीब 10 किलोमीटर दूर सागर हाईवे मार्ग पर छोड़ गए थे।

कुछ दूरी तय करने के बाद उसे उसे एक बस आती दिखी, जिससे वह ललितपुर आया। वहां से अपने भाई को फोन किया और अपने मुक्त होने की जानकारी दी। पुनीत ने एसपी सिटी दिनेश कुमार और क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह को जानकारी दी। पुलिस की टीम उसे ललितपुर से उसे झांसी ले आई। 

कर्ज लेकर जुटाई फिरौती की रकम 
झांसी। भाई पुनीत ने बताया कि उसे लगा कि मयंक की जान खतरे में है, तो रुपये का इंतजाम किया। चार बीघा जमीन गिरवी रख 20 लाख रुपये लिए, 15 लाख रुपये रिश्तेदारों से कर्ज लिया और पांच लाख रुपये अन्य लोगों से उधारी ली। इस तरह मयंक को छुड़ाया। अब पुलिस श्रेय लेने की कोशिश कर रही है।

परिजनों ने मुझे नहीं बताया कि मयंक को मुक्त करवाने के लिए फिरौती अदा की है। यदि ऐसा है तो यह भी सामने आएगा। पुलिस की टीमें अपहरणकर्ताओं की तलाश में जुटी हैं। जल्द ही रिजल्ट सामने होगा।
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दिनेश कुमार सिंह एसपी सिटी
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